आरक्षण मामले में कानून और संविधान के दायरे में जो संभव होगा, वह करेगी सरकार: येदियुरप्पा

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आरक्षण मामले में कानून और संविधान के दायरे में जो संभव होगा, वह करेगी सरकार: येदियुरप्पा

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  • Publish Date - February 10, 2021 / 11:04 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:58 PM IST

बेंगलुरु, 10 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने राज्य के विभिन्न समुदायों की ओर से उठाई जा रही आरक्षण की मांग के बीच बुधवार को कहा कि उनकी सरकार कानून और संविधान के दायरे में रहकर जो भी संभव होगा, वह करेगी।

मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, ”हम संविधान और कानून के दायरे में रहकर ईमानदारी से हर संभव प्रयास करेंगे। देश के दूसरे राज्यों में जो हुआ है, वो मैं यहां कर सकता हूं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले पर चर्चा की जा रही है। कानूनी विशेषज्ञों, महाधिवक्ता और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के साथ विचार-विमर्श के बाद सरकार जो भी संभव होगा, वह करेगी।

कर्नाटक में पंचमासाली लिंगायत, कुरूबा और वाल्मिकी समुदायों के आरक्षण की समीक्षा की मांग उठ रही है।

पंचमासाली समुदाय 2ए श्रेणी का दर्जा देने की तो वहीं कुरूबा समुदाय अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग कर रहा है।

वाल्मिकी समुदाय की भी मांग है कि अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षण को तीन से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत किया जाए।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश