Govt Employees Salary Deduction: सरकारी कर्मचारियों पर आने वाली है बड़ी आफत!.. बिना नोटिस सीधे कटेगी 10% सैलरी, इनके खातों में होगा जमा
Govt Employees Salary Deduction Order: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वृद्ध माता-पिता द्वारा अपने बेटों के खिलाफ की गई शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो। सरकारी कर्मचारी अगर अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं, तो प्रशासन हस्तक्षेप करेगा।
Govt Employees Salary Deduction Order || Image- IBC24 News File
- बिना नोटिस 10% सैलरी कटेगी
- पैसा सीधे माता-पिता के खाते में
- CM रेवंत रेड्डी का सख्त आदेश
हैदराबाद: तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार अपने राज्य में लगातार एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स पर काम कर रही है। (Govt Employees Salary Deduction) छोटे सरकारी कर्मचारियों से लेकर बड़े अफसरों को कामकाज के तरीके और गुर सिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें नैतिक शिक्षा का भी ज्ञान दिया जा रहा है। सीएम रेवंत रेड्डी का मानना है कि अधिकारी बेहतर प्रशासन के साथ बेहतर समाज का निर्माण भी करते हैं।
बहरहाल, इन्हीं नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए सीएम रेड्डी ने सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों को लेकर नया निर्देश जारी कर दिया है।
क्या हैं CM का नया निर्देश? (Govt Employees Salary Cut)
दरअसल, तेलंगाना सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारी वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। अब यदि कोई कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करता है, तो सरकार उसकी सैलरी से 10 प्रतिशत की कटौती कर लेगी। यह कटा हुआ पैसा सीधे बुजुर्ग माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। (Govt Employees Salary Deduction) मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि बुजुर्गों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार जल्द ही इसके लिए एक सख्त कानून लाने जा रही है।
सैलरी कटौती पर सीएम का सख्त आदेश (CM Revanth Reddy Latest News)
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वृद्ध माता-पिता द्वारा अपने बेटों के खिलाफ की गई शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो। सरकारी कर्मचारी अगर अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं, तो प्रशासन हस्तक्षेप करेगा। इस नए नियम के तहत वेतन का 10 फीसदी हिस्सा काटना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘प्रणाम’ नाम से विशेष डे-केयर सेंटर भी शुरू कर रही है। इन केंद्रों में बुजुर्गों की देखभाल की जाएगी।
“#Employees who neglect the care of their #parents will face a 10–15% #deduction from their #salary, and the deducted amount will be directly credited to their parents’ #bankaccounts. A #bill to this effect will be introduced during the #AssemblyBudgetSession,” said… pic.twitter.com/UG8uEAdY87
— NewsMeter (@NewsMeter_In) January 12, 2026

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