Gwalior Waterlogging Issue in Lok sabha : लोकसभा में गूंजा इस ज़िले के जलभराव का मुद्दा, शून्यकाल में इस सांसद ने खोल दी पूरे शहर की पोल

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Gwalior में जलभराव और जर्जर ड्रेनेज सिस्टम का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। Bharat Singh Kushwah ने शून्यकाल में सरकार से स्थायी समाधान की मांग की।

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 06:05 PM IST

Gwalior Waterlogging Issue in Lok sabha / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • संसद में ग्वालियर के जलभराव का मुद्दा उठा।
  • कच्चे नालों और ड्रेनेज सिस्टम पर चिंता जताई गई।
  • अमृत 2.0 योजना से समाधान की मांग।

ग्वालियर : Gwalior Waterlogging Issue in Lok sabha मध्य प्रदेश के ग्वालियर और डबरा में जलभराव की गंभीर समस्या अब लोकसभा में गूंज उठी है। ग्वालियर सांसद भारत सिंह ने लोकसभा के शून्यकाल में शहर के जर्जर ड्रेनेज सिस्टम और कच्चे नालों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि मानसून के दौरान स्थिति कितनी विकराल हो जाती है, जिससे जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।

सांसद भारत सिंह ने उठाया शून्यकाल में मुद्दा

सांसद भारत सिंह ने संसद में कहा कि ग्वालियर शहर के कई हिस्सों में कच्चे और जर्जर नाले न केवल जलभराव का मुख्य कारण बनते हैं, बल्कि ये संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी बड़ा जरिया हैं। मानसून के दौरान सड़कों पर नालों का पानी आने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। उन्होंने विशेष रूप से डबरा का जिक्र करते हुए चिंता जताई कि वहां कच्चे नालों के कारण अक्सर जन-धन की हानि होती है और कई दुखद दुर्घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

सरकार से किया आग्रह

सदन के माध्यम से सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि ‘अमृत 2.0’ योजना या अन्य वित्तीय प्रावधानों के जरिए ग्वालियर में चरणबद्ध तरीके से ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाए। Gwalior Municipal Corporation News उन्होंने मांग की कि शहर के कच्चे नालों को पक्का बनाया जाए और एसटीपी (STP) प्लांट का अपग्रेडेशन किया जाए, ताकि ग्वालियर की जनता को जलभराव और गंदगी से स्थाई रूप से निजात मिल सके।

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मुद्दा किसने उठाया?

ग्वालियर सांसद भारत सिंह ने।

मुख्य समस्या क्या है?

जलभराव और जर्जर नाले।

क्या मांग की गई?

ड्रेनेज नेटवर्क और नालों के पक्कीकरण की।