नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) के गैस एवं तेल क्षेत्र में ‘वाटर इंजेक्शन’ में कमी किए जाने के कारण इस सरकारी कंपनी के सामने परिचालन संबंधी संकट खड़ा हो गया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने यह दावा भी किया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण ही ‘गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम’ (जीएसपीसी) भी मुश्किल में है।
गोहिल के आरोपों पर फिलहाल इन कंपनियों या पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘घरेलू पेट्रोल, डीजल, गैस का 70 प्रतिशत उत्पादन ओएनजीसी करती है। इसमें भी ओएनजीसी के तीन तेल एवं गैस फील्ड-मुंबई हाई, नीलम और हीरा फील्ड 59 प्रतिशत तेल एवं गैस का उत्पादन करते हैं, लेकिन उन तीनों में 20 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक ‘वॉटर इंजेक्शन’ कम कर दिया गया। इसके कारण 2014 में एक साल में 369.5 करोड़ मीट्रिक टन का नुकसान देश को हुआ।’’
उन्होंने दावा किया कि इस कारण आज ओएनजीसी परिचालन संबंधी संकट का सामना कर रही है।
राज्यसभा सदस्य गोहिल का कहना था, ‘‘असल में राष्ट्रभक्ति करनी है, तो ऐसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।’’
उल्लेखनीय है कि गैस फील्ड या तेल क्षेत्र में ‘वाटर इंजेक्शन’ वह प्रक्रिया है जिसके तहत उच्च दबाव वाले कुओं के माध्यम से पानी को जमीन के भीतर प्राकृतिक भंडार में डाला जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भंडार के घटते दबाव को बनाए रखना और गैस या तेल को उत्पादन कुओं की ओर धकेलना है।
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