सरकार को राहत देनी चाहिए, लोगों से समझौता करने को नहीं कहना चाहिए: कुमारी सैलजा

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सरकार को राहत देनी चाहिए, लोगों से समझौता करने को नहीं कहना चाहिए: कुमारी सैलजा

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 04:52 PM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 04:52 PM IST

चंडीगढ़, 12 मई (भाषा) कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने मंगलवार को कहा कि लोग पहले से ही बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं और फिर भी केंद्र सरकार समाधान पेश करने के बजाय बार-बार उनसे ‘त्याग और समझौता’ करने को कह रही है।

सैलजा ने यहां जारी एक बयान में दावा किया कि इस तरह की बार-बार की अपीलें इस बात का संकेत देती हैं कि सरकार आर्थिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में विफल रही है।

सिरसा की सांसद सैलजा ने कहा कि कभी लोगों को पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी जाती है, तो कभी घरेलू खर्चों में कटौती करने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी उन्हें दैनिक आवश्यकताओं में भी कटौती करने को कहा जाता है।

उन्होंने दावा किया, ‘ये बार-बार की जाने वाली अपीलें स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।’

कांग्रेस नेता की ये टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब मोदी ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि नागरिकों को राहत प्रदान करना, स्थिर आर्थिक वातावरण बनाना और रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। सैलजा ने इस महीने की शुरुआत में आयोजित नीट-स्नातक परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-स्नातक-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।

कुमारी सैलजा ने कहा, ‘‘नीट 2026 के कथित पेपर लीक की खबरें देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य और मेहनत पर सीधा हमला हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जब परीक्षाएं पारदर्शिता और ईमानदारी से आयोजित होने के बजाय भ्रष्टाचार और पेपर लीक का शिकार होती हैं, तो सबसे अधिक नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को होता है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए वर्षों तैयारी करते हैं।’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं ने भाजपा सरकार की जवाबदेही और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुमारी सैलजा ने 22 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों के भरोसे के हिलने को ‘बेहद चिंताजनक’ बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों, भविष्य और समान अवसरों से संबंधित मुद्दों को उठाती रहेगी।

भाषा अमित वैभव

वैभव