(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 19 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अपराधियों और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए सजा दिलाई जाए।
शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का आक्रोश समझ में आता है, लेकिन नागरिकों को कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे किसी के घर न जाएं और न ही कानून को अपने हाथ में लें। प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी जरूरी और सख्त कदम उठा रहा है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार में बदलाव कानून का शासन स्थापित करने के लिए किया गया है। लोगों को कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा होना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री अधिकारी का यह बयान हावड़ा ज़िले के बागनान इलाके में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)समर्थक प्रशांत डे की हत्या के बाद आया है। इस इलाके में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय पंचायत अधिकारियों के बीच टकराव के बाद तनाव बढ़ गया था। उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक ग्राम पंचायत के उप-प्रमुख और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि घायलों का एसएसकेएम अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और डे की पत्नी सोमा की शिकायत के आधार पर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शुक्रवार को मृतक के परिवार को चार लाख रुपये का चेक सौंपा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भ्रष्ट लोगों और उनकी गतिविधियों के खिलाफ औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराने के बाद, नागरिक पुलिस और प्रशासन पर भरोसा कर सकते हैं। हम कानून के मुताबिक दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ और हुगली पुलिस उन्हें कर्नाटक से वापस लाई है। लोगों को गुट बनाकर आरोपियों के घरों पर जाने की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर पुलिस सीआईडी और अंतर-राज्यीय एजेंसियों की मदद लेगी। एसटीएफ के पास जांच के आधुनिक उपकरण हैं और जहां भी सबूत मिलेंगे, वहां कार्रवाई की जाएगी। यह राजनीतिक बदले की भावना नहीं है। सरकार इस तरह काम नहीं करती।’’
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार और हिंसक अपराधों के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्य के लोगों को बताना चाहता हूं कि हमने कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है। गैर-ज़मानती धाराएं लगाई गई हैं और बागनान मामले में गिरफ्तार सभी आठ लोगों को अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। हत्या से संबंधित आरोप भी जोड़े गए हैं।’’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस मामले को विस्तृत जांच के लिए सीआईडी को सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस मामले की जांच सीआईडी को सौंप रहा हूं। मैंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित के परिवार को पांच लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने का भी फ़ैसला किया है। अगर पीड़ित की पत्नी काम करना चाहती है, तो सरकार उसके रोज़गार में मदद करने के तरीके तलाशेगी। मैं खुद उनसे बात करूंगा।’’
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के लिए कानून के तहत अधिकतम सज़ा की मांग करेगी।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। उन्होंने हाल की कई घटनाओं का उल्लेख किया जिनमें कथित तौर पर भ्रष्ट नेताओं की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उन्हें ले जा रही थी, तो लोगों ने उन पर अंडे फेंके।
उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले में 16 जून को हुई फाल्टा की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों पर हमला करने के आरोपियों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं और उन पर सख्त धाराएं लगाई गई हैं। ग्रामीणों के एक समूह ने 16 जून को पुलिस थाना पर धावा बोलकर जेल में बंद तृणमूल नेता जहांगीर खान को छुड़ाने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि फाल्टा हिंसा के सिलसिले में अब तक 25 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें से 12 पुलिस हिरासत में और 13 न्यायिक हिरासत में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान की जा रही है और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’
इस घटना को राज्य के अधिकार के लिए सीधी चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस थानों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिंसा के लिए जिम्मेदार पाए गए लोगों से नुकसान की भरपाई के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू करेगी।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप