तिरुवनंतपुरम, 18 सितंबर (भाषा) केरलम के देवस्वोम और स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि अगर शबरिमला स्वर्ण गबन मामलों की जांच कर रही एसआईटी उच्च न्यायालय द्वारा तय समय-सीमा में आरोप पत्र दाखिल नहीं करती, तो सरकार आगे कदम उठाएगी।
विशेष जांच टीम (एसआईटी) शबरिमला मंदिर में द्वारपालक की मूर्ति और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखट पर मढ़ी गई सोने की परत से सोना चोरी करने के दो मामलों की जांच कर रही है।
इस महीने की शुरुआत में, एसआईटी ने केरल उच्च न्यायालय को सूचित किया कि गर्भगृह की चौखट से सोना गबन मामले में उसकी जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
इसके बाद उच्च न्यायालय ने एसआईटी को मामले में 25 सितंबर तक आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।
हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि एसआईटी तय समय-सीमा में आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाएगी क्योंकि जांच अभी चल रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने भी ऐसी खबरें देखी हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने महाधिवक्ता से बात की। मैंने कानूनी सलाह ली कि अगर अदालत की तय समय-सीमा में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जाता है, तो क्या कदम उठाए जाने चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि महाधिवक्ता की कानूनी राय मिलने के बाद आगे के कदम उठाए जाएंगे।
मुरलीधरण ने कहा, ‘‘महाधिवक्ता ने बताया कि दो दिनों में जवाब दिया जाएगा। हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेंगे।’’
एसआईटी ने शबरिमला सोना गबन के दो मामलों में 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें मंदिर के तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदारारु राजीवरु और त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) के तीन पूर्व अध्यक्ष शामिल थे।
भाषा धीरज मनीषा वैभव
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