मोदी सरकार की परियोजना के कारण ग्रेट निकोबार ‘बायोस्फीयर रिज़र्व’ खतरे में: रमेश
मोदी सरकार की परियोजना के कारण ग्रेट निकोबार ‘बायोस्फीयर रिज़र्व’ खतरे में: रमेश
नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार की गेट निकोबार परियोजना के कारण इस द्वीप का ‘बायोस्फीयर रिजर्व’ (संरक्षित जैवमंडल) खतरे में है।
‘बायोस्फीयर रिजर्व’ पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का एक विशाल और विशेष क्षेत्र होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य वहां के पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना, वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों का सतत विकास सुनिश्चित करना है।
पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमें भारत में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों पर बहुत गर्व है और यह सही भी है। लेकिन ‘बायोस्फीयर रिजर्व’ के यूनेस्को विश्व नेटवर्क के बारे में क्या, जो समान रूप से प्रतिष्ठित हैं? उनका उद्देश्य पारिस्थितिक और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में 18 नामित बायोस्फीयर रिजर्व हैं, जिनमें से 13 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं और इस विश्व नेटवर्क में शामिल हैं। 2013 में घोषित इन तेरह में से एक कोई और नहीं बल्कि ग्रेट निकोबार ‘बायोस्फीयर रिज़र्व’ है जो अब मोदी सरकार द्वारा गलत सोच वाले, व्यावसायिक रूप से संचालित ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के कारण बेहद खतरे में है।’’
भाषा हक
हक नरेश
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