गारंटी योजनाएं गरीबों का सशक्त करने का मॉडल, कांग्रेस 2028 में सत्ता में लौटेगी: सिद्धरमैया

गारंटी योजनाएं गरीबों का सशक्त करने का मॉडल, कांग्रेस 2028 में सत्ता में लौटेगी: सिद्धरमैया

गारंटी योजनाएं गरीबों का सशक्त करने का मॉडल, कांग्रेस 2028 में सत्ता में लौटेगी: सिद्धरमैया
Modified Date: March 8, 2026 / 12:19 am IST
Published Date: March 8, 2026 12:19 am IST

मंगलुरु (कर्नाटक), सात मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को विश्वास जताया कि कांग्रेस 2028 में प्रदेश में सत्ता बरकरार रखेगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में शुरू की गई पांच गारंटी योजनाएं वंचित तबके के लोगों, महिलाओं, बेरोजगार लोगों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए ना केवल इस राज्य में बल्कि पूरे देश में एक मॉडल बन गई हैं।

दक्षिण कन्नड़ जिले के बंतवाल तालुक में मुदुरु-पदरु में कंबला (भैंसा दौड़) का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कल्याणकारी उपाय, कांग्रेस सरकार की दृष्टि में दिखाई देते हैं।

उन्होंने कहा, “गरीबों, समाज के कमजोर तबकों को सशक्त करने के एकमात्र उद्देश्य से पांच गारंटी योजनाएं शुरू की गई थीं। ये योजनाएं सामाजिक एवं आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक मॉडल बन गई हैं।”

सिद्धरमैया ने कहा कि लोकतंत्र अकेले राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “एक लोकतंत्र का राजनीति में तब तक बहुत सीमित अर्थ होता है जब तक कि यह सामाजिक और आर्थिक रूप से जीवंत ना हो। राज्य सरकार इसी लक्ष्य पर काम कर रही है।”

उन्होंने कंबला का आयोजन करने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मंत्री बी. रामनाथ राय की सराहना करते हुए उन्हें सबसे ईमानदार नेताओं में से एक बताया और विधायक एवं मंत्री के उनके कार्यकाल में इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 5,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य लाने में उनकी भूमिका याद दिलाई।

उन्होंने कहा कि अपने योगदान के बावजूद राय बंतवाल से विधानसभा चुनाव हार गए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि वह 2028 में इस विधानसभा से फिर चुनाव लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने परंपरागत सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का संरक्षण करने और कंबला दौड़ का आयोजन करने के लिए इस तटीय क्षेत्र के लोगों की सराहना की।

भाषा सं राजेंद्र

अमित

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