मुंबई और कर्नाटक रणजी क्वार्टर फाइनल मैच में ‘मिनी इंडिया’ मुकाबले के लिए तैयार

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मुंबई और कर्नाटक रणजी क्वार्टर फाइनल मैच में ‘मिनी इंडिया’ मुकाबले के लिए तैयार

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 06:43 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 06:43 PM IST

मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) टी20 विश्व कप का बुखार भले ही चढ़ रहा हो लेकिन स्टार खिलाड़ियों से सजी मुंबई और कर्नाटक के बीच शुक्रवार से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अगले पांच दिन तक रोमांचक खेल देखने को मिल सकता है।

दोनों टीमों का इतिहास शानदार रहा है जिसमें मुंबई के पास 42 रणजी खिताब हैं और कर्नाटक के पास आठ ट्रॉफियां हैं लेकिन ऐसे नॉकआउट मुकाबलों में पिछले रिकॉर्ड का ज्यादा असर नहीं होता।

लेकिन फिर भी ऐसे मुकाबलों में मुंबई का दबदबा बरकरार रहा है जो अब नियमित कप्तान शारदुल ठाकुर और भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की वापसी से और बढ़ गया है।

इनके अलावा भी मुंबई के पास सरफराज खान, शम्स मुलानी, तनुष कोटियान, तुषार देशपांडे जैसे मैच जिताने वाले कई बल्लेबाज हैं। इसलिए मुंबई ग्रुप डी में शीर्ष पर रहकर नॉकआउट चरण में पहुंची।

ठाकुर ने कहा, ‘‘अगर आप किसी से भी पूछेंगे तो मुंबई के पास नॉकआउट मैच में सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। मुझे अपनी और लड़कों की तैयारी पर भरोसा है। ’’

मुंबई हालांकि सरफराज की फिटनेस को लेकर परेशान है। मध्यक्रम के मुख्य खिलाड़ी सरफराज हैमस्ट्रिंग की समस्या और वायरल बुखार से जूझ रहे हैं, उन्होंने सत्र की शुरुआत में दोहरा शतक (227) बनाया था।

ठाकुर ने कहा, ‘‘टीम के फिजियो और डॉक्टर लगातार उनके संपर्क में हैं। हर दो-तीन घंटे में उनकी सेहत की जांच कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि वह कल खेलेंगे। ’’

सिद्धेश लाड ने ठाकुर की गैरमौजूदगी में मुंबई की कप्तानी की थी। वह 737 रन के साथ निरंतर रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं और प्रबंधन उम्मीद करेगा कि वह इसी तरह खेलते रहें।

लेकिन अगर कोई टीम मुंबई को रोक सकती है तो वह कर्नाटक है।

कर्नाटक ने नाटकीय तरीके से नॉकआउट चरण में प्रवेश किया, वह ग्रुप बी में मध्य प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर रही।

कर्नाटक ने अपने आखिरी लीग मैच में पंजाब के खिलाफ पांच विकेट से रोमांचक जीत हासिल करके शीर्ष आठ में जगह पक्की की।

करुण नायर की वापसी से निश्चित रूप से उनके बल्लेबाजी लाइन-अप को मजबूती मिलेगी जिसमें केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, मयंक अग्रवाल, आर स्मरण और तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा भी शामिल हैं।

अग्रवाल की जगह कप्तान बनने के बाद देवदत्त ने पंजाब के खिलाफ 120 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को नॉकआउट में पहुंचाया।

देवदत्त ने यहां मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘कर्नाटक की कप्तानी करना हमेशा से मेरा सपना रहा है। ’’

खराब फॉर्म के बाद वापसी के बारे में देवदत्त ने कहा, ‘‘तकनीक के हिसाब से ज्यादा कुछ नहीं बदला है। यह ज्यादातर मानसिक है। मैंने ज्यादा रन बनाने की कोशिश की है। हर बार जब मैं बल्लेबाजी करने जाता हूं तो रन बनाने की इच्छा रखता हूं। ’’

कर्नाटक की गेंदबाजी लेग-स्पिन ऑलराउंडर श्रेयस गोपाल के इर्द-गिर्द घूमेगी जिन्होंने 18.32 की औसत से 37 विकेट लिए हैं और 441 रन भी बनाए हैं जबकि कृष्णा की तेज गेंदबाजी एक मजबूत हथियार बनी हुई है।

कर्नाटक का पलड़ा भारी है क्योंकि उसने मुंबई के साथ अपनी पिछली पांच भिड़ंत में तीन मैच जीते हैं और दो ड्रॉ रहे हैं।

वहीं कोलकाता के बाहरी इलाके कल्याणी में बंगाल की टीम आंध्र से भिड़ेगी और मोहम्मद शमी पर बहुत ज्यादा निर्भर होगी जिन्होंने शानदार वापसी की है।

शमी बंगाल के लिए शानदार रहे हैं, उन्होंने पांच मैच में 17.03 के औसत से 27 विकेट लिए हैं और अक्सर पुरानी गेंद से धारदार स्पेल डाले हैं।

आकाश दीप और मुकेश कुमार के साथ मिलकर वह इस प्रतियोगिता में सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों की तिकड़ी में से एक हैं।

बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर शाहबाज अहमद ने बंगाल के लिए अहम योगदान दिया है, उन्होंने 35 विकेट लिए हैं और एक शतक और दो अर्धशतकों के साथ 363 रन भी बनाए हैं।

हालांकि वे चाहेंगे कि कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलें क्योंकि उन्होंने इस सत्र में अभी तक शतक नहीं बनाया है, बस चार अर्धशतक लगाए हैं।

आंध्र की टीम बंगाल के गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने के लिए भारत के ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और तीन शतक लगाने वाले शानदार युवा खिलाड़ी शेख राशिद पर निर्भर रहेगी।

बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार उनके गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य खिलाड़ी हैं।

पिछले साल के आखिर में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने के बाद झारखंड सफेद गेंद के क्रिकेट की सफलता को लाल गेंद के क्रिकेट में भी दोहराना चाहेगा।

लेकिन उन्हें कप्तान ईशान किशन की कमी खलेगी क्योंकि यह विकेटकीपर-बल्लेबाज टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में शामिल हो गए हैं।

शिखर मोहन (607 रन) और शरनदीप सिंह (524) ने बल्लेबाजी क्रम को अच्छी तरह से संभाला है जिसमें कुमार कुशाग्र, विराट सिंह और रॉबिन मिंज ने उनका साथ दिया है। बाएं हाथ के स्पिनर अनुकूल रॉय उनके गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हैं।

उत्तराखंड के खिलाफ झारखंड प्रबल दावेदार है। उत्तराखंड तीसरी बार क्वार्टर फाइनल में पहुंच रही है।

बाएं हाथ के स्पिनर मयंक मिश्रा उनके लिए शानदार रहे हैं, उन्होंने 16.59 की औसत से 44 विकेट लिए हैं। वह इस सत्र में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं।

कप्तान कुणाल चंदेला ने हाल में असम के खिलाफ दोहरा शतक लगाया है और भूपेन लालवानी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे।

जम्मू-कश्मीर ने इस सत्र में हैरान किया है और अब टीम रजत पाटीदार की अगुआई वाली मध्य प्रदेश टीम का सामना करने की तैयारी में है।

जम्मू-कश्मीर के अभियान को तेज गेंदबाज औकिब नबी ने आगे बढ़ाया है, जिन्होंने 13.73 की औसत से 34 विकेट लिए हैं जिसमें राजस्थान के खिलाफ 24 रन देकर सात विकेट का शानदार प्रदर्शन भी शामिल है।

अब्दुल समद ने एक शतक और तीन अर्धशतकों के साथ बल्लेबाजी को मजबूती दी है।

ग्रुप चरण में अजेय रही मध्य प्रदेश की टीम के पास काफी अनुभव है।

कुमार कार्तिकेय (32 विकेट) और सारांश जैन (30) की स्पिन जोड़ी एक मजबूत संयोजन है जबकि शुभम शर्मा, हिमांशु मंत्री और वेंकटेश अय्यर बल्ले से टीम को मजबूती देते हैं।

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर