गुजरात सीआईडी ​​ने हमास से जुड़े क्रिप्टो-आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, नौ गिरफ्तार

गुजरात सीआईडी ​​ने हमास से जुड़े क्रिप्टो-आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, नौ गिरफ्तार

गुजरात सीआईडी ​​ने हमास से जुड़े क्रिप्टो-आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, नौ गिरफ्तार
Modified Date: May 19, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: May 19, 2026 8:52 pm IST

अहमदाबाद, 19 मई (भाषा) गुजरात सीआईडी ​क्राइम ने 226 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें वांछित आरोपी के आतंकी संगठन हमास के एक मुखौटा संगठन से संबंध हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सीआईडी ​​क्राइम ने इस गिरोह से जुड़े नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से सात अहमदाबाद से और एक-एक मुंबई और हरियाणा के करनाल से हैं।

सीआईडी ​​क्राइम के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीसीओई) ने खुलासा किया कि इस गिरोह के बिनेंस खाते 935 साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल थे, और वैश्विक आतंकी वित्तपोषण, मादक पदार्थों और डार्क वेब से जुड़े हुए थे।

बिनेंस खाता क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर व्यक्तिगत डिजिटल अकाउंट होता है, जिसके जरिए बिटकॉइन, एथेरियम जैसी सैकड़ों डिजिटल संपत्तियों को सुरक्षित रूप से खरीदा, बेचा और निवेश किया जा सकता है।

उसने एक विज्ञप्ति में कहा, “सीसीओई की तकनीकी इकाई ने क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और लेन-देन का विश्लेषण करके इस परिष्कृत नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि यह गिरोह डार्क वेब पर मादक पदार्थों के वितरण, धन शोधन और नामित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को वित्तपोषण करने के लिए सक्रिय था।”

सीसीओई के अनुसार, आरोपी सीधे तौर पर आतंकी वित्तपोषण से जुड़े हुए थे, जिसमें इस मामले के एक वांछित मुख्य सरगना, दुबई स्थित मोहम्मद जुबेर पोपटिया के वॉलेट को 2025 में इज़राइल के ‘नेशनल ब्यूरो फॉर काउंटर टेरर फाइनेंसिंग’ (एनबीसीटीएफ) द्वारा जब्त कर दिया गया था।

इसमें कहा गया है कि पोपटिया ने ‘दुबई कंपनी फॉर एक्सचेंज’ के साथ सीधे लेन-देन के संबंध बना रखे थे, जो कि आतंकवादी संगठन हमास द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक मुखौटा कंपनी थी।

इसमें कहा गया है कि अहमदाबाद से गिरफ्तार किए गए मोहसिन मोलानी से पूछताछ और बरामद सबूतों से यह भी पता चला है कि 2023 से ब्रिटेन में एक बड़ा मादक पदार्थ तस्करी गिरोह चल रहा था।

भाषा

प्रशांत दिलीप

दिलीप


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