गांधीनगर, एक मार्च (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने राज्य को भारत के उभरते सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में रविवार को प्रस्तुत किया और वैश्विक निवेशकों को आश्वासन दिया कि राज्य में किए गए निवेश न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए बल्कि आने वाले दशकों तक सुरक्षित रहेंगे।
संघवी ने यहां आयोजित ‘सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026’ में कहा, ‘‘भारत की कुल जनसंख्या का केवल पांच प्रतिशत और भौगोलिक क्षेत्रफल का छह प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, गुजरात देश के विनिर्माण उत्पादन में 18 प्रतिशत से अधिक और कुल निर्यात में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। यह राज्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है और देश के 40 प्रतिशत से अधिक माल ढुलाई का प्रबंधन करता है।’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात हीरा, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन जैसे क्षेत्रों में अग्रणी बना हुआ है।
भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते हुए, संघवी ने कहा कि साहसिक सुधारों और नयी नीतियों ने देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में एक मजबूत स्थिति हासिल करने में मदद की है।
इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।
संघवी ने ‘माइक्रोन टेक्नोलॉजी’ द्वारा गुजरात में सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के युवा इंजीनियरों ने मलेशिया, सिंगापुर और इंडोनेशिया जैसे देशों में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वे वैश्विक विशेषज्ञता के साथ लौट रहे हैं।’’
संघवी ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि गुजरात सरकार एक भागीदार और सुविधादाता के रूप में कार्य करती है, और भूमि, बुनियादी ढांचे, रसद और नीतिगत मंजूरी से संबंधित मामलों में त्वरित समर्थन का वादा करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब निवेशक बढ़ते हैं, तो गुजरात बढ़ता है। जब गुजरात बढ़ता है, तो भारत बढ़ता है।’’
भाषा
देवेंद्र सिम्मी
सिम्मी