सूरत में बाढ़ जैसी स्थिति के बाद गुजरात सरकार ने पुनर्वास पैकेज की घोषणा की

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सूरत में बाढ़ जैसी स्थिति के बाद गुजरात सरकार ने पुनर्वास पैकेज की घोषणा की

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 06:47 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 06:47 PM IST

गांधीनगर, 15 जुलाई (भाषा) गुजरात सरकार ने छह और सात जुलाई को सूरत में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित व्यापारियों और कारोबारी प्रतिष्ठानों के लिए बुधवार को पुनर्वास पैकेज की घोषणा की।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

पैकेज के तहत प्रभावित लोगों को एकमुश्त एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता, ऋण पर ब्याज अनुदान तथा आवासीय एवं वाणिज्यिक संपत्तियों पर एक वर्ष के लिए नगर निगम के संपत्ति कर में छूट दी जाएगी।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में पैकेज को मंजूरी दी ताकि सूरत के व्यापारी और कारोबारी अपने कारोबार को फिर से खड़ा कर सकें।’’

विज्ञप्ति में कहा गया कि पक्की दुकानों के ऐसे मालिक, जिन्होंने पिछली तिमाही का जीएसटी रिटर्न दाखिल किया है, उन्हें एक लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।

इसके अनुसार, बैंक और वित्तीय संस्थान ऐसे प्रभावित कारोबारी प्रतिष्ठानों तथा पक्की दुकानों के मालिकों को ऋण उपलब्ध कराएंगे, जिन्होंने पिछली तिमाही का जीएसटी रिटर्न दाखिल किया है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि जिन पक्की दुकानों का मासिक कारोबार (पिछली तिमाही के जीएसटी रिटर्न के अनुसार) 7.5 लाख रुपये तक है, उन्हें 20 लाख रुपये तक के ऋण पर तीन वर्ष के लिए सात प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा तथा इस मद में अधिकतम पांच लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिन पक्की दुकानों का मासिक कारोबार 7.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच है, उन्हें 25 लाख रुपये तक के ऋण पर तीन वर्ष के लिए सात प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा अधिकतम आठ लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।

विज्ञप्ति के अनुसार जिन पक्की दुकानों का मासिक कारोबार 15 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें 30 लाख रुपये तक के ऋण पर तीन वर्ष के लिए सात प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

विज्ञप्ति के अनुसार, एकमुश्त नकद सहायता के पात्र लाभार्थियों को सर्वेक्षण, फोटोग्राफ, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नुकसान का आकलन करने के बाद मुआवजा दिया जाएगा।

विज्ञप्ति के अनुसार, इसके लिए लाभार्थियों को 30 सितंबर, 2026 तक निर्धारित प्रारूप में सूरत नगर आयुक्त, मामलतदार या नगरपालिका के मुख्य अधिकारी के समक्ष आवेदन देना होगा।

गुजरात सरकार ने सूरत शहर के बाढ़ प्रभावित आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए एक वर्ष के संपत्ति कर को भी माफ करने का निर्णय लिया है।

संघवी ने कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से निपटने के लिए चिकित्सा शिविर लगाए गए और नगर निगम तथा राज्य सरकार ने तत्काल राहत एवं बचाव उपाय किए।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, अब तक 19,256 परिवारों को नकद सहायता तथा 39,237 व्यक्तियों को राहत राशि वितरित की जा चुकी है जो कुल मिलाकर 13.15 करोड़ रुपये है।

छह और सात जुलाई को सूरत में हुई भारी बारिश के कारण ‘खाड़ी’ से सटे कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। रांदेर, लिंबायत, वराछा और ‘खाड़ी’ के आसपास के अन्य क्षेत्रों में दुकानें और मकान जलमग्न हो गए थे, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश