गुजरात सरकार ने जेपीसी के समक्ष एक साथ चुनाव का समर्थन किया, कांग्रेस ने विरोध जताया
गुजरात सरकार ने जेपीसी के समक्ष एक साथ चुनाव का समर्थन किया, कांग्रेस ने विरोध जताया
गांधीनगर, 20 मई (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से मुलाकात की। राज्य सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार का समर्थन किया।
विपक्षी कांग्रेस ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे सत्ता के केंद्रीकरण का छिपा हुआ एजेंडा बताया।
मुख्यमंत्री पटेल के अलावा, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और दूसरे प्रतिनिधियों ने भी गांधीनगर के पास गिफ्ट सिटी में भाजपा सांसद पी पी चौधरी की अध्यक्षता वाली जेपीसी से मुलाकात की और उसके समक्ष राज्य के विचार रखे।
बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए, संघवी ने कहा कि गुजरात सरकार प्रस्तावित कानून का पूरा समर्थन करती है क्योंकि यह ‘देश के हित’ में है।
उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि यह अवधारणा देश के हित में है, इसलिए गुजरात सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को अपना पूरा समर्थन दिया है।’’
संघवी ने कहा कि गुजरात इस साल के स्थानीय स्वशासन चुनावों के दौरान नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायतों और तालुका पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की दिशा में पहले ही बढ़ चुका है।
उन्होंने दावा किया, “गुजरात सरकार के एक सर्वे के मुताबिक, एक विधानसभा या लोकसभा चुनाव के दौरान सरकारी स्टाफ के काम के लगभग 50 लाख घंटे खर्च होते हैं।”
उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने से कल्याणकारी कार्यों और नियमित प्रशासन पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता 60 से 85 दिनों तक और विधानसभा चुनावों के दौरान 45 से 50 दिनों तक लागू रहती है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवस्था लागू करने से जनता का समय और संसाधन बचेंगे तथा अधिकारी जन कल्याण के कार्यों पर ध्यान दे पाएंगे।”
संघवी ने कहा कि गुजरात सरकार ने जेपीसी को विस्तृत आंकड़े और जानकारी दी हैं और समिति से इस प्रस्ताव को तेजी से लागू करने का अनुरोध किया है।
इस बीच, कांग्रेस की गुजरात इकाई के अध्यक्ष और विधायक अमित चावड़ा के नेतृत्व में विपक्षी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी जेपीसी से मुलाकात की।
बैठक के बाद चावड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रस्ताव और विधेयक का कड़ा विरोध करते हैं। इस विधेयक को लाने के पीछे छिपा एजेंडा सत्ता का केंद्रीकरण है।’’
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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