गुजरात ने एलपीजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि की

गुजरात ने एलपीजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि की

गुजरात ने एलपीजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि की
Modified Date: March 16, 2026 / 04:08 pm IST
Published Date: March 16, 2026 4:08 pm IST

गांधीनगर, 16 मार्च (भाषा) गुजरात सरकार ने सोमवार को कहा कि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उसने सामान्य साप्ताहिक वितरण की तुलना में द्रवित पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि की है। साथ ही नेटवर्क की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन देने में प्राथमिकता दी जा रही है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मोना खांधार ने कहा कि राज्य में एलपीजी का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति शृंखला निर्बाध बनी हुई है।

वरिष्ठ अधिकारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि सरकार ने घरेलू या वाणिज्यिक सिलेंडर पर कोई पाबंदी नहीं लगायी है और सभी क्षेत्रों में ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘एलपीजी की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए जिलों में गठित दल, पुलिस, तेल विपणन कंपनियां और हमारी राज्य-स्तरीय टीमें लगातार समन्वय में हैं। हमें लगातार एलपीजी की आपूर्ति प्राप्त हो रही है और एजेंसियों के पास ‘बफर स्टॉक’ भी बढ़ रहा है।’’

खांधार ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर राज्य सरकार ने गुजरात भर के होटलों और रेस्तरां को जहां भी नेटवर्क मौजूद है, वहां पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘नेटवर्क पर घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपयोग के लिए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं, और ऐसी व्यवस्था की गई है, ताकि इन्हें तुरंत प्राप्त किया जा सके।’’

अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को उन क्षेत्रों में पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की सलाह दी है, जहां शहरी गैस वितरण नेटवर्क चालू हैं, क्योंकि पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रसोई गैस सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस स्थिति से पहले सामान्य सप्ताह में जितनी एलपीजी की आपूर्ति होती थी, अब उसमें वृद्धि की गई है। हम ग्राहकों को पहले की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक एलपीजी की आपूर्ति कर रहे हैं।’’

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों- निजी और सरकारी दोनों- को निर्बाध कामकाज सुनिश्चित करने के लिए उनकी मांग के अनुसार शत-प्रतिशत आपूर्ति उपलब्ध करायी गई है।

अमेरिका-इजराइल अैर ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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