गुजरात ‘एनालॉग’ पनीर, ‘चीज’ और बटर पर रोक को लागू करने के लिए बनायेगा कार्यबल: हर्ष सांघवी

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गुजरात ‘एनालॉग’ पनीर, ‘चीज’ और बटर पर रोक को लागू करने के लिए बनायेगा कार्यबल: हर्ष सांघवी

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 06:43 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 06:43 PM IST

अहमदाबाद, छह अगस्त (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ‘एनालॉग’ (कृत्रिम) पनीर, ‘चीज’ और बटर पर लगी रोक को लागू करने के लिए एक कार्यबल बनाएगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रतिष्ठान बंद भी किए जा सकते हैं।

सांघवी ने यहां पत्रकारों से कहा कि यह फैसला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा ‘ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006′ के तहत बुधवार को जारी की गयी उस अधिसूचना के बाद लिया गया है, जिसमें पूरे राज्य में ‘बिना मानक वाले’ ‘एनालॉग’ डेयरी उत्पादों पर रोक लगाई गई है।

‘एनालॉग’ पनीर दूध की वसा के बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च, ‘इमल्सीफायर’ और अन्य ‘एडिटिव्स’ का इस्तेमाल करके बनाया जाने वाला एक गैर-डेयरी विकल्प है। इसे बनाना आम पनीर की तुलना में सस्ता होता है और इसमें आमतौर पर प्रोटीन की मात्रा कम होती है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे पूरे गुजरात में इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

सांघवी ने कहा,‘‘मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, जिसमें एनालॉग पनीर भी शामिल है, को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना को सख्ती से लागू करने के लिए जल्द ही कई विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक खास कार्यबल घोषित किया जायेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इस कार्यबल के गठन को लेकर शीर्षतम स्तर पर बैठकें चल रही हैं। जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी और यह इन उपायों को सख्ती से लागू करेगी।’’

सांघवी ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर सिर्फ आर्थिक जुर्माना लगाना अब काफी नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा कार्यबल सख्त कदम उठाएगा, जिसमें दुकानों को सील करना भी शामिल है। हम ऐसे लोगों को गंभीर अपराधी के रूप में देखते हैं और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की उन्हें सज़ा भुगतनी होगी।’’

बुधवार को गुजरात सरकार ने ‘मानक के अनुरूप नहीं’ पाये जाने पर ‘एनालॉग’ पनीर,‘चीज’ और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगा दिया।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा था कि खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन ने पिछले चार महीनों में ‘एनालॉग’ पनीर और इसी तरह के उत्पादों के ख़िलाफ़ छापेमारी की थी तथा पाया था कि ऐसे उत्पाद ‘खाने लायक नहीं’ थे और उनमें पोषण की कमी थी।

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश