चंडीगढ़/नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) हरियाणा के हांसी में जिम संचालक की हत्या के मामले में कथित रूप से शामिल लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गिरोह के दो शूटर पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह संयुक्त अभियान शनिवार देर रात दिल्ली पुलिस विशेष प्रकोष्ठ और हरियाणा पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में संचालित किया।
पुलिस के अनुसार, दोनों शूटर प्रवेश और हिमांशु को गुप्त सूचना के आधार पर बहादुरगढ़ में घेरा गया। पुलिस टीम द्वारा रोके जाने पर दोनों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान विशेष प्रकोष्ठ के कांस्टेबल अंकित के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गए।
बहादुरगढ़ के पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को रविवार को बताया कि दोनों आरोपियों को शनिवार आधी रात के बाद पकड़ा गया।
हरियाणा पुलिस ने 11 जून को हांसी में जिम मालिक कपिल की हत्या के मामले में प्रत्येक आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस के मुताबिक, कपिल उस समय छह-सात लोगों के समूह को खुले मैदान में व्यायाम का प्रशिक्षण दे रहे थे, तभी बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या की इस वारदात को प्रवेश और हिमांशु ने अंजाम दिया था। दोनों हिसार जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने यह हत्या हरिराम उर्फ़ हैरी बॉक्सर और अनिल पंडित द्वारा चलाए जा रहे एक संगठित अपराध गिरोह के कहने पर की थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह गिरोह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा हुआ है।
विशेष प्रकोष्ठ के अनुसार, ये दोनों पश्चिमी दिल्ली में गायक गुरु रंधावा के जिम के बाहर हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में भी वांछित थे।
हरियाणा पुलिस ने बताया कि विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर बहादुरगढ़ क्षेत्र में मौजूद हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के आधार पर विशेष प्रकोष्ठ और हरियाणा एसटीएफ के संयुक्त दलों ने एक अभियान चलाया और बहादुरगढ़ के पास बलौर में संदिग्धों का पता लगाया। पुलिस ने बताया कि दोनों को घेर लिया गया और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
हरियाणा पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान चार पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बच गई।
मुठभेड़ में दोनों आरोपियों को गोली लगी और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सिकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने फोरेंसिक विशेषज्ञों और अपराध जांच दल के सदस्यों के साथ मिलकर मुठभेड़ वाली जगह का मुआयना किया। पुलिस ने बताया कि इस गोलीबारी के सिलसिले में बहादुरगढ़ के सदर थाने में एक अलग मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह अभियान इसी गिरोह के दो और कथित सदस्यों हकीकत उर्फ साहिल और सागर की गिरफ्तारी के बाद किया गया। इन दोनों को 25 जून को पश्चिम विहार के पास विशेष प्रकोष्ठ के साथ हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर 11 जून को दिल्ली में गुरु रंधावा के जिम के बाहर गोलीबारी करने का आरोप है और वे अभी पुलिस की हिरासत में हैं।
पुलिस ने बताया कि दोनों से पूछताछ में हांसी हत्या मामले के बारे में कुछ सुराग मिले, जिसके बाद जांचकर्ताओं ने प्रवेश और हिमांशु का पता लगाने के लिए मानवीय, तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया सूचनाओं का विश्लेषण किया।
पुलिस ने बताया कि विशेष प्रकोष्ठ ने हैरी बॉक्सर-अनिल पंडित अपराध गिरोह से जुड़े वित्तीय और लॉजिस्टिकल नेटवर्क की जांच करने और गिरोह के फरार सरगनाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया है।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने कहा कि राज्य पुलिस संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
भाषा गोला नरेश
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