हरियाणा एसटीएफ ने रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया

हरियाणा एसटीएफ ने रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया

  •  
  • Publish Date - January 16, 2026 / 11:41 AM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 11:41 AM IST

गुरुग्राम, 16 जनवरी (भाषा) हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने रोहित गोदारा–गोल्डी बराड़ गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार विदेशी हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमन, लोकेश, बलराज उर्फ बलराम और रविंदर सिंह के रूप में हुई है। ये सभी कैथल जिले के मुंदड़ी गांव के निवासी हैं और अमेरिका में संगठित आपराधिक गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल रहे हैं।

एसटीएफ ने एक बयान में बताया कि रमन और लोकेश को 10 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 14 जनवरी को कैथल जिले के पुंडरी थाना क्षेत्र से बलराम और रविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अमेरिका में गंभीर संगठित अपराधों में शामिल थे, जिनमें वर्ष 2024 में कैलिफोर्निया में गैंगस्टर सुनील यादव की हत्या भी शामिल है। हालांकि इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली थी।

पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष आरोपियों ने अमेरिका में गैंगस्टर हैरी बॉक्सर पर जानलेवा हमला किया था। इस घटना में उसके एक सहयोगी बनवारी गोदारा की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य सहयोगी गोली लगने से घायल हुआ था। पुलिस ने बताया कि यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के भीतर बढ़ते आंतरिक विवाद का हिस्सा था।

एसटीएफ का दावा है कि आरोपी रोहित गोदारा–गोल्डी बराड़ गिरोह के लिए उगाही रैकेट संचालित कर रहे थे और हरियाणा, दिल्ली, पंजाब तथा राजस्थान में कारोबारियों और आम लोगों पर गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।

हरियाणा एसटीएफ के आईजी बी. सतीश बालन ने कहा, “इस मामले की जानकारी इंटरपोल और अमेरिका की सक्षम एजेंसियों को दी जाएगी, ताकि कानूनी, जांच और परिचालन स्तर पर निरंतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डालता है, इसलिए प्रभावी अभियोजन, आगे की जांच और सीमा पार आपराधिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की रोकथाम के लिए घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है।

भाषा

मनीषा वैभव

वैभव