अमरावती, 16 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के बंदरगाह शहर काकीनाडा में 10 अरब डॉलर की लागत वाली हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परियोजना एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। इसके पहले प्रमुख उपकरण के स्थापना समारोह के साथ ही भारत जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे वैश्विक बाजारों में हरित ऊर्जा की आपूर्ति करने वाले देशों की सूची में शामिल होने की ओर अग्रसर है।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि ‘एएम ग्रीन’ के हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परिसर के उपकरण स्थापना समारोह में शुक्रवार, 17 जनवरी को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री कोनिडाला पवन कल्याण शामिल होंगे।
कुल 10 अरब डॉलर के निवेश वाली यह परियोजना भारत में अब तक के सबसे बड़े स्वच्छ ऊर्जा निवेशों में से एक है। इसके निर्माण चरण के दौरान लगभग 8,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, इसके परिचालन से नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक और बंदरगाह सेवाओं जैसे क्षेत्रों में उच्च-कुशल रोजगार के अवसर मिलेंगे।
एएम ग्रीन एक मौजूदा अमोनिया-यूरिया इकाई को परिवर्तित कर भारत का पहला और दुनिया का सबसे बड़ा हरित अमोनिया परिसर विकसित कर रहा है। इसकी नियोजित क्षमता 15 लाख टन प्रति वर्ष है।
यह परियोजना चरणों में शुरू होगी। पहले चरण में 2027 तक पांच लाख टन, दूसरे चरण में 2028 तक 10 लाख टन और तीसरे चरण में 2030 तक अपनी पूरी क्षमता (15 लाख टन) हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
चालू होने के बाद, यह इकाई भारत से हरित अमोनिया के पहले निर्यात को सक्षम बनाएगी। इसका उपयोग दुनिया भर में स्वच्छ पोत परिवहन ईंधन, बिजली उत्पादन और हरित हाइड्रोजन के वाहक के रूप में किया जाता है।
इस एकीकृत परियोजना में 7.5 गीगावाट सौर एवं पवन ऊर्जा क्षमता और 1,950 मेगावाट इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता शामिल है। इसके अलावा, पंप हाइड्रो स्टोरेज के माध्यम से चौबीसों घंटे दो गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें आंध्र प्रदेश के पिन्नापुरम में स्थित देश की पहली ऐसी सुविधा भी शामिल है।
एएम ग्रीन ने जर्मनी की कंपनी यूनिपर के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं और वह जापान तथा सिंगापुर के खरीदारों के साथ भी संपर्क में है।
यह यूरोप और उन्नत एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के पहले हरित ऊर्जा निर्यात संपर्क को दर्शाता है।
यह परियोजना आंध्र प्रदेश की ‘एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति, 2024’ के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य राज्य को हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया के मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
इस इकाई के चालू होने के बाद भारत से हरित ऊर्जा का पहला निर्यात संभव हो सकेगा। यह ऊर्जा आयात पर निर्भरता खत्म कर स्वच्छ ऊर्जा निर्यात की दिशा में एक बड़े बदलाव का प्रतीक होगा और इससे आंध्र प्रदेश वैश्विक हरित ऊर्जा मूल्य श्रृंखला के केंद्र में आ जाएगा।
ग्रीनको ग्रुप के संस्थापकों द्वारा समर्थित ‘एएम ग्रीन अमोनिया’ दरअसल एएम ग्रीन, मलेशिया की जेंटारी, सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के बीच एक साझेदारी है।
भाषा सुमित रमण
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