जयपुर, 19 फरवरी (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश में धर्म के नाम पर बढ़ती नफरत को चिंताजनक बताते हुए बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में घृणा को मुख्यधारा में लाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता गहलोत ने कहा, ‘‘देश में धर्म के नाम पर बढ़ती नफरत और वैमनस्य आज सबसे बड़ी चिंता का विषय है। ऐसे समय में यह जानकर गहरा क्षोभ होता है कि भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय खुद उन आयोजनों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है, जहां खुलेआम अल्पसंख्यक समुदाय के विरुद्ध भड़काऊ बयान दिए जा रहे हैं।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि संस्कृति मंत्रालय का मूल दायित्व देश की गौरवशाली विरासत और साझी ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ को सहेजना है, न कि समाज में जहर घोलने वालों को संरक्षण देना।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ‘बांटो और राज करो’ की नीति लोकतंत्र के लिए घातक है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सरकारों का कर्तव्य आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाना होता है, लेकिन यहां सत्ता के संरक्षण में नफरत को मुख्यधारा में लाया जा रहा है।’’
भाषा पृथ्वी शफीक
शफीक