स्वास्थ्य ‘विकसित भारत 2047’ की आधारशिला, राज्य सफलता में बराबर के भागीदार: नड्डा

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स्वास्थ्य ‘विकसित भारत 2047’ की आधारशिला, राज्य सफलता में बराबर के भागीदार: नड्डा

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 08:32 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 08:32 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोमवार को कहा कि स्वास्थ्य ‘विकसित भारत 2047’ की आधारशिला है और भारत की स्वास्थ्य क्षेत्र की सफलता की कहानी में राज्य बराबर के भागीदार हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मामलों की केंद्रीय परिषद के 16वें सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘चूंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है; इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र की हर उपलब्धि में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की समान भूमिका है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि केंद्र सरकार नीतिगत मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और वित्तीय मदद देती है, लेकिन इसे सफलतापूर्वक लागू करना राज्यों की प्रतिबद्धता और सक्रिय प्रयासों पर निर्भर करता है।’’

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने का लक्ष्य रखा है, जब देश अपनी आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘स्वस्थ भारत के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता और स्वास्थ्य राष्ट्रीय विकास के सबसे अहम स्तंभों में से एक बना हुआ है।’’

स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर 2014 में प्रति एक लाख बच्चों के जन्म पर 130 के आंकड़े से घटकर अब 87 रह गई है।

संयुक्त राष्ट्र की ‘मातृ मृत्यु दर अनुमान रिपोर्ट 2024’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मातृ मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी के मुकाबले भारत में इसमें 86 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि 1990 के बाद से भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में 79 प्रतिशत और नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में 70 प्रतिशत की कमी आई है; साथ ही, कुल प्रजनन दर 2.0 तक पहुँच गई है और औसत आयु बढ़कर 70.3 साल हो गई है।

नड्डा ने नए सिरे से तैयार ‘एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) अभियान’ के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए। जीवन की शुरुआती अवस्था से ही एनीमिया की समस्या से निपटने के महत्व को समझते हुए, इस अभियान में 0-6 महीने की उम्र के कम वजन वाले शिशुओं को सातवें लाभार्थी समूह के तौर पर शामिल किया गया है।

भाषा

नेत्रपाल नरेश

नरेश