भारी बारिश से उप्र, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित, चारधाम यात्रा स्थगित

भारी बारिश से उप्र, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित, चारधाम यात्रा स्थगित

भारी बारिश से उप्र, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित, चारधाम यात्रा स्थगित
Modified Date: September 27, 2026 / 12:01 am IST
Published Date: September 27, 2026 12:01 am IST

रांची/लखनऊ/देहरादून, 26 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी।

उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा।

यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।

बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई।

ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।

झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए, जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं।

संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे।

पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी, जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी।

उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है।

मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा।

देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है।

मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है।

हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

इससे पहले आईएमडी ने ‘येलो’ अलर्ट जारी किया था और शनिवार को उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया था।

विभाग ने कहा कि उत्तर बंगाल के अन्य जिलों में भी गरज के साथ बारिश हो सकती है, लेकिन रविवार से इसकी तीव्रता कम होने का अनुमान है।

राजस्थान में कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई।

सलूंबर और नागौर के जायल में सबसे अधिक तीन-तीन मिमी बारिश दर्ज की गई।

आईएमडी ने नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण रविवार से राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है।

हल्की बारिश के बाद दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

आईएमडी ने कहा कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

शहर के मौसम का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम और एक दिन पहले के मुकाबले एक डिग्री कम था।

अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम और एक दिन पहले के मुकाबले 3.8 डिग्री कम था।

इसी तरह, अन्य मौसम केंद्रों पर भी अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

पालम में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के मुकाबले 3.2 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले के मुकाबले 0.9 डिग्री कम था।

राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता भी संतोषजनक श्रेणी में बनी रही।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार के 78 के मुकाबले शनिवार शाम चार बजे 72 था और यह भी ‘संतोषजनक’ श्रेणी में था।

सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

भाषा

देवेंद्र जितेंद्र

जितेंद्र


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