दक्षिणी व तटीय ओडिशा में भारी बारिश, प्रशासन ने 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

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दक्षिणी व तटीय ओडिशा में भारी बारिश, प्रशासन ने 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 07:48 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 07:48 PM IST

भुवनेश्वर, 23 सितंबर (भाषा) समुद्र में बने गहरे अवदाब के कारण दक्षिणी और तटीय ओडिशा में बुधवार को भारी बारिश हुई, जिसके चलते अधिकारियों ने कम से कम 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा गहरे अवदाब के ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर तेजी से बढ़ने की चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में खराब मौसम से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन में सरकार की ‘शून्य जनहानि’ नीति का सख्ती से पालन होना चाहिए।

मौसम विभाग ने बताया कि गहरा अवदाब आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 50 किलोमीटर, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किलोमीटर और पुरी से 250 किलोमीटर दूर है। गहरा अवदाब (डीप डिप्रेशन) मौसम की एक ऐसी प्रणाली है, जो कम दबाव के क्षेत्र से अधिक तीव्र और चक्रवाती तूफान से कम तीव्र होती है।

मौसम विभाग ने बताया कि गहरे अवदाब के 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के पास से उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की बहुत अधिक संभावना है।

आईएमडी ने कहा, ‘‘इसके प्रभाव से 23 और 24 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ में और 24 व 25 सितंबर को तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत अधिक संभावना है।’’

हालांकि इस बार चक्रवात आने की कोई संभावना नहीं है।

मुख्यमंत्री माझी ने अधिकारियों से कहा कि राज्य को हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए और उसी के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘जान-माल की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों और जलभराव की संभावना वाले स्थानों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और उन्हें पर्याप्त राहत मुहैया कराएं।’’

हालांकि गहरे अवदाब के कलिंगपट्टनम के पास तट से टकराने की सबसे अधिक संभावना है।

यहां मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश में तट पार करने के बाद यह मौसम तंत्र कम तीव्रता के साथ रायगढ़ा और कोरापुट जिले के बीच किसी स्थान से ओडिशा में प्रवेश करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, इसके प्रभाव से 23 और 24 सितंबर को राज्य के दक्षिणी जिलों में अत्यंत भारी बारिश होगी।’’

ओडिशा सरकार ने संभावित प्रभावित गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इसके अलावा नुआपाड़ा, बोलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में राजस्व विभाग और प्रशासन ने भी सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवा की कम से कम 33 बचाव टीमों को तैयार रखा गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार से बारिश का सामना कर रहे ओडिशा में इसकी (बारिश की) तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में सुबह 8.30 बजे तक कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी जिले के जयपुर में 161 मिलीमीटर बारिश हुई।

उन्होंने बताया कि राज्य में 16 से अधिक स्थानों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन संभावित गजपति जिले के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों समेत 3,500 लोगों को चक्रवात केंद्रों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्हें पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले 140 इलाकों की पहचान की है और इन पर करीब से नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा और नबरंगपुर जिलों में घरों में बारिश का पानी घुसने, पेड़ों के उखड़ने, मकानों के ढहने और पहाड़ियों से कीचड़युक्त पानी नीचे आने की खबरें हैं।

आईएमडी ने बुधवार एवं बृहस्पतिवार को दक्षिणी ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

बुधवार को मौसम विभाग ने कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (कार्रवाई करें) जारी किया। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है।

नबरंगपुर जिले के लिए बृहस्पतिवार को भी इसी तरह का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (तैयार रहें) जारी किया गया है, जहां 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है।

इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से बृहस्पतिवार शाम तक तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बनी रहेगी और हवा की रफ्तार 55-65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को बृहस्पतिवार शाम तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

इस बीच, राज्य सरकार ने 10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। मंत्री पुजारी ने बताया कि आगामी स्थिति को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें मुख्यालय में मौजूद रहने को कहा गया है।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश