उच्च न्यायालय ने तीन कलाकारों को सरकारी आवास खाली करने संबंधी याचिका वापस लेने की अनुमति दी

उच्च न्यायालय ने तीन कलाकारों को सरकारी आवास खाली करने संबंधी याचिका वापस लेने की अनुमति दी

उच्च न्यायालय ने तीन कलाकारों को सरकारी आवास खाली करने संबंधी याचिका वापस लेने की अनुमति दी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: January 22, 2021 11:51 am IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तीन प्रतिष्ठित कलाकारों को केंद्र द्वारा जारी किए गए सरकारी आवास खाली करने संबंधी नोटिस को चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने मोहिनीअट्टम नृत्यांगना भारती शिवाजी और कुचिपुड़ी नर्तक गुरु वी जयराम राव (दोनों पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हैं) और बनारसी राव को राहत देते हुए कहा कि अगर सरकार उनके अभिवेदन पर विचार करने में विफल रहती है, तो वे फिर से अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

अदालत ने केंद्र को कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय दिया, जिन्हें भी अक्टूबर 2020 में निष्कासन नोटिस दिया गया था।

उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2020 में इन चार कलाकारों को जारी निष्कासन नोटिस पर रोक लगा दी थी।

शिवाजी, जयराम राव और बनारसी राव का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील प्रशांत सेन ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार की एक नई नीति हो सकती है। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों से उनके अभिवेदन पर विचार करने के लिए संपर्क करेंगे।

अदालत ने आवेदन की सामग्री को देखते हुए, याचिका को वापस लेने की अनुमति दी है और इसका निपटान कर दिया।

उच्च न्यायालय ने बिरजू महाराज द्वारा दायर याचिका को अगली सुनवाई के लिए 19 अप्रैल को सूचीबद्ध किया और कहा कि अंतरिम आदेश द्वारा लगाई गई रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।

गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में, कलाकारों, नर्तकों और संगीतकारों समेत 50 से 90 साल के आयु वर्ग में 27 प्रतिष्ठित हस्तियों को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने 31 दिसंबर, 2020 तक दिल्ली में आवंटित सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस भेजे थे।

भाषा कृष्ण माधव

माधव


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