PM Modi’s Speech Highlights: नक्सलवाद के खात्मे से लेकर महिला आरक्षण तक.. 76 मिनट में पीएम मोदी ने गिनाई देश की उपबल्धियां, जानिए उनके भाषण की 7 बड़ी बातें

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नक्सलवाद के खात्मे से लेकर महिला आरक्षण तक.. 76 मिनट में पीएम मोदी ने गिनाई देश की उपबल्धियां, Highlights of PM Modi's 80th Independence Day speech

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 09:43 AM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 09:44 AM IST

नई दिल्लीः PM Modi’s Speech Highlights: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कुल 76 मिनट की स्पीच दी। उन्होंने सप्त धारा का आह्वान करते हुए कहा कि इसकी शक्ति से देश को नई ऊंचाई तक पहुंचाएंगे। पीएम ने कहा हथियारी नक्सल तो चले गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह तरह के काम कर रहे हैं। तो चलिए जानते हैं पीएम मोदी की भाषण की 7 बड़ी बातेंः-

1. दिमागी नक्सलियों पर: ‘हमने नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था। आज नक्सल क्षेत्र में नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। हमें सावधान रहने की जरूरत है। हथियारबंद नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा। इन्हें युवाओं को भटकाने से बचाना होगा।’

2. महिला आरक्षण पर: ‘मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि महिलाओं के सम्मान में आगे आइए। समय की मांग है कि महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए।’

3. 2047 के लक्ष्य पर: 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर और हमारी सोच को भी बदलना होगा। जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं।

4. ग्लोबलाइजेशन पर: एक समय था जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ एयर कंडीशन चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग हमें बता रहे थे कि ग्लोबलाइजेशन का क्या होगा, लेकिन पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले 1 दशक में ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया।

5. युवाओं पर: ‘एक साल में 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन फ्री कोचिंग व्यवस्था की शुरुआत भी की जाएगी।’

6. आत्मनिर्भर पर: बीते सालों में हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है। हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, जल्दी मिलता है लेकिन उससे हमारा सामर्थ्य तैयार नहीं होता। इसलिए हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद करनी है इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।

7. आपदाओं पर: ‘अब छोटे सपनों से काम चलने वाला नहीं है। हमें बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं। हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए। जब संकल्प दृढ़ होता है तो कठिनाईयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभर कर आता है।