हिमाचल तकनीकी संस्थानों के लिए नई नीति के साथ नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगा: मुख्यमंत्री

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हिमाचल तकनीकी संस्थानों के लिए नई नीति के साथ नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगा: मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 07:46 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 07:46 PM IST

शिमला, पांच जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य नवाचार कोष के कार्यान्वयन दिशानिर्देश (2026-2028) भी स्वीकृत किए गए हैं, ताकि पूरे राज्य में उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि इस नीति का मकसद छात्रों, संकाय सदस्यों और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाकर राज्य को नवाचार के एक उभरते हुए केंद्र में बदलना है ताकि वे नए और अनोखे विचारों को व्यावहारिक, तकनीकि पर आधारित और बाजार के लिए तैयार समाधानों में बदल सकें।

उन्होंने कहा, ‘यह ‘प्रोटोटाइप’ विकास, ‘स्टार्टअप इनक्यूबेशन’, सीड फंडिंग, बौद्धिक संपदा प्रबंधन, क्षमता निर्माण और उद्योग के साथ सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करता है। साथ ही पारदर्शिता, जवाबदेही और मापनीय परिणाम सुनिश्चित करता है।’

उन्होंने कहा, ‘इस नीति को लागू करने में मदद के लिए सरकार ने 2026-2028 की अवधि के लिए कुल दो करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ‘राज्य नवाचार कोष’ बनाया है। यह कोष प्रोटोटाइप बनाने के लिए सूक्ष्म अनुदान, अच्छे स्टार्टअप्स के लिए सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन केंद्रों को मजबूत करने के लिए आर्थिक मदद, नवाचार प्रतियोगिताओं, बूट कैंप्स, संकाय और छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तथा उद्योग और सीएसआर-सहयोगित सह-वित्तपोषण पहलों के लिए सहायता प्रदान करेगा। यह नीति समावेशी नवाचार पर भी जोर देती है, जिसके तहत तकनीकी शिक्षा और स्टार्टअप संबंधी पारिस्थितिकी तंत्र में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ग्रामीण युवाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।’

भाषा

शुभम नरेश

नरेश