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Holi in Aligarh Muslim University: क्या अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मनाई जाएगी ‘होली?’.. BJP सांसद बोले, ‘मनाइये, जो मारपीट करेगा, उसको ऊपर पहुंचा देंगे’

Holi Milan Samaroh Aligarh Muslim University

Holi Milan Samaroh Aligarh Muslim University || Image- Malappuram Centre Unofficial

Holi Milan Samaroh Aligarh Muslim University : नई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार विवाद विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित ‘होली मिलन समारोह’ को लेकर उठा है। कुछ छात्र संगठनों ने इस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति मांगी थी, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने खारिज कर दिया। प्रशासन का कहना है कि किसी नई परंपरा की शुरुआत नहीं की जाएगी।

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AMU प्रशासन का रुख

इस मुद्दे पर AMU के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली खान ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 फरवरी को पांच छात्रों ने कुलपति को संबोधित एक पत्र दिया था, जिसमें 9 मार्च को होली समारोह के लिए विशेष स्थान आवंटित करने की मांग की गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस अनुरोध को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि पहले कभी इस तरह की अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए इस बार भी इसका पालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र अपने संबंधित विभागों और छात्रावासों में पारंपरिक रूप से होली मनाते रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर किसी विशेष आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राजनीतिक विवाद की एंट्री

Holi Milan Samaroh Aligarh Muslim University : AMU प्रशासन के इस फैसले के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। खासकर, भाजपा सांसद सतीश गौतम के बयान ने इस मुद्दे को और भड़का दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “होली मनाने के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं है। जो मारपीट करेगा, उसे ऊपर पहुंचा देंगे।”

उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे धार्मिक आस्थाओं से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ इसे अनुशासन और परंपरा से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

AMU में होली समारोह को लेकर यह पहली बार विवाद नहीं हुआ है। इससे पहले भी विश्वविद्यालय में पारंपरिक आयोजनों से हटकर किसी भी नए कार्यक्रम को लेकर अक्सर बहस होती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वह किसी भी त्योहार को लेकर भेदभाव नहीं करता, बल्कि अपनी स्थापित परंपराओं के तहत ही निर्णय लेता है।

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Holi Milan Samaroh Aligarh Muslim University : अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाता है और क्या विश्वविद्यालय प्रशासन अपने फैसले पर कायम रहता है या राजनीतिक दबाव में कोई नया रुख अपनाता है।

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