Fake IAS Officer Case Today: मंत्रालय की सुरक्षा में बड़ा सेंध!.. फर्जी IAS ने जीएडी के उप सचिव से की भेंट-मुलाकात, जानें कैसे हुआ भंडाफोड़

Ads

Fake IAS Officer Case Today: भोपाल मंत्रालय में फर्जी आईएएस की घुसपैठ, उप सचिव से मुलाकात के बाद खुलासा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

  •  
  • Publish Date - February 13, 2026 / 08:18 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 08:18 PM IST

Fake IAS Officer Case Today Bhopal || Image- IBC24 NEWS File

HIGHLIGHTS
  • मंत्रालय में फर्जी आईएएस की एंट्री
  • उप सचिव को हुआ शक, खुला मामला
  • सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

भोपाल: प्रदेश के सबसे संवेदनशील क्षेत्र मंत्रालय में एक फर्जी आईएएस की घुसपैठ ने पूरे सुरक्षा तंत्र के कान खड़े कर दिए हैं। इतना ही नहीं, फर्जी IAS ने सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के एक उप सचिव स्तर के अधिकारी से भेंट कर अपने बारे में चर्चा भी की। (Fake IAS Officer Case Today) ऐसे में सवाल उठता है कि फर्जीवाड़ा करते हुए वह शख्स कैसे मंत्रालय का पास बनवाने में कामयाब हो गया? क्या सुरक्षा अधिकारियों ने उसके पद और दावों की पुष्टि नहीं की?

कैसे हुआ खुलासा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फर्जी IAS ने मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के एक उप सचिव से मुलाकात कर अपने तबादले और पोस्टिंग को लेकर चर्चा की। जीएडी के अधिकारी ने जब उससे उसका बैच पूछा तो उसने खुद को 2019 बैच का अधिकारी बताया। उप सचिव को जब उसके जवाब और बातचीत के तौर-तरीकों पर संदेह हुआ तो उन्होंने मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी को इसकी सूचना दी और फर्जी IAS को उनके हवाले कर दिया।

बाद में जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह कोई अधिकारी नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उक्त युवक मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। (Fake IAS Officer Case Today) बावजूद इसके सवाल उठता है कि क्या कोई भी खुद को अधिकारी बताकर मंत्रालय के किसी विभाग में प्रवेश ले सकता है? बहरहाल, इस घटना के बाद मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. फर्जी आईएएस का खुलासा कैसे हुआ?

उप सचिव को बातचीत में संदेह हुआ, जांच में सच्चाई सामने आई।

Q2. क्या फर्जी आईएएस के खिलाफ कार्रवाई हुई?

मानसिक स्थिति के कारण परिजनों को सौंपा गया, मामला दर्ज नहीं।

Q3. इस घटना के बाद क्या कदम उठाए गए?

मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही।