मूल निवासियों के संवैधानिक अधिकारों पर भाजपा के साथ बातचीत को तैयार हूं: टिपरा मोथा प्रमुख

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मूल निवासियों के संवैधानिक अधिकारों पर भाजपा के साथ बातचीत को तैयार हूं: टिपरा मोथा प्रमुख

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  • Publish Date - March 5, 2023 / 07:58 PM IST,
    Updated On - March 5, 2023 / 07:58 PM IST

अगरतला, तीन मार्च (भाषा) टिपरा मोथा ने रविवार को कहा कि ‘टिपरासा’ लोगों की समस्याओं का ‘संवैधानिक समाधान’ तलाशने के लिए वह भाजपा के साथ ‘आमने-सामने की बैठक’ के लिए तैयार है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा था कि उसकी (टिपरा मोथा की) चिंताओं का वार्ता के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।

क्षेत्रीय दल का नेतृत्व कर रहे प्रद्योत किशोर देबबर्मा ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि उनकी पार्टी उन लोगों को निराश नहीं होने देगी, जिन्होंने उन्हें वोट दिया है। उन्होंने कहा कि नया क्षेत्रीय दल ‘टिपरा मोथा’ इन लोगों की ही पार्टी है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर साझा किये गये एक वीडियो में कहा, ‘‘ यदि हमें संवैधानिक अधिकारों–आर्थिक, राजनीतिक और भाषाई मुद्दों– पर बातचीत के लिए सम्मानपूर्वक बुलाया जाता है, तो हम जाएंगे। हम माटी पुत्र हैं…। हम मूल निवासियों की समस्याओं का संवैधानिक हल ढूंढने के लिए वार्ता के लिए तैयार हैं। वार्ता मंत्रिपदों या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं होगी।’’

देबबर्मा ने चेतावनी दी कि मूल निवासियों की उपेक्षा कर त्रिपुरा पर यदि कोई पार्टी शासन करना चाहेगी तो उसके लिए भविष्य में राज्य में शासन करना कठिन हो जाएगा।

हालांकि, उन्होंने इस वीडियो में ‘‘ग्रेटर टिपरालैंड’’ के लिए अपनी पार्टी की मांग का कोई जिक्र नहीं किया, जो एक चुनावी मुद्दा था। इसी मुद्दे पर टिपरा मोथा हाल के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 13 सीट जीतकर राज्य विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।

हालांकि, इस पार्टी को किसी भी सामान्य श्रेणी की सीट पर जीत नहीं मिली। उसने सामान्य श्रेणी की 22 सीट पर चुनाव लड़ा था।

शर्मा ने शनिवार को कहा था कि भाजपा टिपरा मोथा द्वारा उठाये गये मुद्दे के समाधान के लिए उसके साथ काम करने को तैयार है, लेकिन उनकी पार्टी पूर्वोत्तर के इस राज्य के विभाजन के विरूद्ध है।

भाषा राजकुमार सुभाष

सुभाष