मैं जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करता हूं: स्टालिन के दामाद सबरिसन

मैं जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करता हूं: स्टालिन के दामाद सबरिसन

मैं जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करता हूं: स्टालिन के दामाद सबरिसन
Modified Date: May 19, 2026 / 11:17 am IST
Published Date: May 19, 2026 11:17 am IST

चेन्नई, 19 मई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के दामाद एवं हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति बनाने वाली परामर्श फर्म के संस्थापक सबरिसन वेदमूर्ति ने कहा कि वह जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करते हैं।

सामाजिक-राजनीतिक शोध संगठन ‘पॉपुलस एम्पावरमेंट नेटवर्क’ (पीईएन) के संस्थापक वेदमूर्ति ने कहा कि वह कड़ी मेहनत जारी रखेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे।

एक बयान में उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम को किसी एक कारण से जोड़कर देखना सच्चाई को नहीं दर्शाता और संकेत दिया कि चुनावी रणनीति तय करने में जितनी भी उनकी भूमिका रही, उसकी जिम्मेदारी लेने से वह पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करता हूं। टीम पीईएन की कड़ी मेहनत और ईमानदारी की मैं सराहना करता हूं, लेकिन चुनावी नतीजों में जो भी मेरी भूमिका रही, उसे स्वीकार करने के लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं। मैं जिम्मेदारी, विनम्रता और जनता की उम्मीदों की गहरी समझ के साथ आगे बढ़ता रहूंगा।’’

सबरिसन ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में मैंने देखा है कि हालिया चुनावी नतीजों की जिम्मेदारी पीईएन और उसके कामकाज पर थोपने की कई कोशिशें हुई हैं। लोकतंत्र में आलोचना स्वाभाविक है और इसका स्वागत भी है, लेकिन एक बड़े राजनीतिक नतीजे को किसी एक कारण तक सीमित करना न तो उचित है और न ही यह हकीकत को दर्शाता है।’’

वेदमूर्ति ने कहा कि द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने उदाहरण पेश किया कि जनादेश को गरिमा और साहस के साथ कैसे स्वीकार किया जाता है और ‘पीईएन’ भी जनता के फैसले का विनम्रता से सम्मान करता है।

राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने 108 सीट जीतीं, जबकि द्रमुक केवल 59 सीट पर सिमट गई। अन्नाद्रमुक को 47, कांग्रेस को पांच, पीएमके को चार, आईयूएमएल और वामदलों को 2-2 सीट मिलीं।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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