कोलकाता, 25 मई (भाषा) आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में पीड़िता की मां और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक रत्ना देबनाथ ने सोमवार को राज्य सचिवालय में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और विधानसभा चुनाव में हार को लेकर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा।
पानीहाटी से विधायक देबनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री शुभेंदु से राज्य सचिवालय की 14वीं मंजिल पर हुई और उन्होंने खुद को हुए नुकसान की तुलना बनर्जी की राजनीतिक पराजय से की।
आठ और नौ अगस्त, 2024 की दरमियानी रात को आर जी कार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार कक्ष में देबनाथ की 31 वर्षीय बेटी से बलात्कार किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी।
आरोप हैं कि सबूत नष्ट किए गए और घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।
पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद, भाजपा सरकार ने घोषणा की कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
देबनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘‘आज मैंने नबन्ना की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उनका नाम है शुभेंदु अधिकारी। ईमानदारी की शक्ति अपार है। अन्याय के खिलाफ धैर्यपूर्वक लड़ना ही एकमात्र उपाय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ आज ममता बनर्जी और मैं दोनों शोक में हैं। मैंने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया है और अपना जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है। ममता ने 14वीं मंजिल पर अपनी कुर्सी खो दी है।’’
नव निर्वाचित विधायक ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी ‘‘ टीम को और भी भयावह अंजाम’’ भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘बस देखते जाइए।’’
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान देबनाथ ने कहा कि विधायक बनने के बावजूद उनके जीवन से सारी खुशियां गायब हैं और उनका एकमात्र लक्ष्य अपनी बेटी को न्याय दिलाना है।
उन्होंने कहा, ‘विधायक तो बन गई, लेकिन मेरे जीवन से सारी खुशियां छिन गई हैं। मेरा एकमात्र उद्देश्य न्याय है। मैंने मुख्यमंत्री को जो नाम सौंपे थे, वे पहले ही जांचकर्ताओं के साथ साझा किए जा चुके हैं।’’
देबनाथ और उनके पति ने इस मामले के संबंध में पिछली तृणमूल सरकार और पुलिस की बार-बार आलोचना की थी।
चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने देबनाथ पर ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था और निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत भी की थी।
भाषा शोभना जोहेब
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