नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘‘आई-पैक’’ छापेमारी मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर रविवार को एक बार फिर निशाना साधा।
पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता कोलकाता में दो दिन पहले ‘आई-पैक’ से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के दौरान जिस तरह वहां पहुंचीं और कुछ दस्तावेज “जबरन” अपने साथ ले गईं, उससे यह सवाल उठता है कि ‘आई-पैक’ एक राजनीतिक परामर्श फर्म है या अवैध धन को ठिकाने लगाने वाला तृणमूल कांग्रेस का मुखौटा संगठन।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने घटना के दौरान राज्य पुलिस प्रमुख की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का पूरा पुलिस ढांचा ममता की सभी “शर्मनाक, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक” गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उनके हाथों का “हथियार” बन गया है।
प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, “आप (ममता) कह रही हैं कि ‘आई-पैक’ आपकी राजनीतिक परामर्श फर्म है। लेकिन उससे जुड़ी संदिग्ध परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं कि क्या यह आपकी राजनीतिक परामर्श फर्म है या फिर अवैध धन जुटाने और उसे ठिकाने लगाने वाला तृणमूल कांग्रेस का मुखौटा संगठन।”
उन्होंने सवाल किया, “हम सभी राय-मशविरा करते हैं और परामर्श फर्म से सलाह लेते हैं। अगर आप किसी को अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाने जा रहे हैं, तो आप इसकी घोषणा करेंगे। यह बहुत सरल है। आपकी बैठकों का कार्यक्रम भी सार्वजनिक होता है। तो फिर वहां कौन-सा रहस्य था? कौन-सी गुप्त रणनीति बनाई जा रही थी? ममता जी, आप क्या छिपा रही हैं?”
प्रसाद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कोयला “घोटाले” में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रमुख नेताओं की संलिप्तता को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ने पर हम और भी जानकारी उजागर करेंगे।”
भाजपा नेता ने दावा किया कि तृणमूल सुप्रीमो ‘आई-पैक’ से जुड़े परिसरों पर ईडी की छापेमारी के दौरान वहां से फाइलें इसलिए ले गईं, क्योंकि वह डरी हुई हैं।
उन्होंने कहा, “यह स्वाभाविक है। गोवा चुनाव, आसनसोल कोयला सिंडिकेट, श्रीमान मांझी-इन सभी चीजों पर मीडिया में चर्चा हो रही है। ये सभी बातें सामने आ रही हैं और आगे भी आएंगी। इसीलिए ममता डरी हुई हैं। जरूरत पड़ने पर हम धीरे-धीरे और भी जानकारी साझा करेंगे।”
रविशंकर ने कहा, “संक्षेप में कहें तो, ममता का राजनीतिक सफर दो-तीन महीने में हार में तब्दील होने वाला है। इसीलिए दहशत फैली हुई है और लोग घबराहट में तरह-तरह के काम कर रहे हैं। वहां ठीक यही हो रहा है।”
ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से 2020 में अनूप मांझी उर्फ “लाला” के नेतृत्व वाले कोयला तस्करी गिरोह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर आधारित धन शोधन मामले के सिलसिले में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में छह और दिल्ली में चार परिसरों पर छापेमारी की थी।
सीबीआई का आरोप है कि इस गिरोह ने पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में आसनसोल और उसके आसपास ईस्टर्न कोलफील्ड के पट्टे वाले क्षेत्रों से कोयला चुराया और उसकी तस्करी की।
ईडी के मुताबिक, कोयला तस्करी से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने ‘आई-पैक’ की पंजीकृत कंपनी इंडियन पैक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को कथित तौर पर करोड़ों रुपये के लेनदेन की सुविधा प्रदान की।
केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि ‘आई-पैक’ हवाला राशि से जुड़ी संस्थाओं में से एक है।
मीडिया की खबरों के अनुसार, कथित कोयला तस्करी गिरोह की जांच के दौरान गोवा में चुनाव संबंधी गतिविधियों से संभावित संबंधों का भी खुलासा हुआ है।
भाषा पारुल दिलीप
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