चेन्नई, 12 जनवरी (भाषा) अन्नाद्रमुक महासचिव के पलानीस्वामी ने सोमवार को ‘सेकेंडरी ग्रेड सीनियॉरिटी टीचर्स एसोसिएशन’ (एसएसटीए) के नेताओं की कथित नजरबंदी की निंदा की और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग कर रहे हैं।
पलानीस्वामी ने एसएसटीए के विरोध प्रदर्शन से निपटने के तमिलनाडु सरकार के तरीके की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि जिन नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया, उन्हें मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं करने दिया गया।
पलानीस्वामी ने दावा किया, ‘‘माध्यमिक शिक्षक लगातार 17वें दिन द्रमुक के समान काम के लिए समान वेतन के चुनावी वादे को पूरा करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच स्टालिन सरकार ने कल सुबह आठ बजे से एसएसटीए के राज्य कार्यकारियों सहित आठ लोगों को नजरबंद कर दिया है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और बंद कर दिए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘ कठपुतली मुख्यमंत्री की सरकार को विरोध प्रदर्शन से ठीक तरह से निपटना नहीं आता। इस तरह के हथकंडे अपनाना और उन्हें अपने फोन इस्तेमाल करने के बुनियादी अधिकार से भी वंचित करना निंदनीय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं द्रमुक सरकार से गिरफ्तार शिक्षकों को तुरंत रिहा करने का आग्रह करता हूं।’’
भाषा
शोभना नरेश
नरेश