ब्रह्मपुर सर्कल जेल के कैदियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं की बिक्री 2025 में दोगुनी हुई

ब्रह्मपुर सर्कल जेल के कैदियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुओं की बिक्री 2025 में दोगुनी हुई

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 03:43 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 03:43 PM IST

ब्रह्मपुर, 12 जनवरी (भाषा) ब्रह्मपुर सर्कल जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए खाद्य पदार्थों सहित विभिन्न वस्तुओं की बिक्री 2025 में दोगुनी हो गई है। एक जेल अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि जेल के कैदी चादरें, तौलिए, कमीजें, जेल में पहना जाने वाला कुर्ता, स्कार्फ से लेकर पानी का ड्रम, चावल की ट्रे, बाल्टी, मग, अन्य बर्तन, धूल उठाने वाला यंत्र और वर्मी कंपोस्ट (खाद) आदि बना रहे हैं।

इसी प्रकार, उन्होंने जेल के अंदर आटा, बेसन, हल्दी पाउडर, रागी पाउडर, छतुआ और सरसों का तेल जैसे खाद्य पदार्थों का भी उत्पादन किया।

अधिकारी ने बताया कि जेल अधिकारियों ने अपने उपयोग के लिए आपूर्ति करने के अलावा, इन वस्तुओं को जनता को बेचने की भी व्यवस्था की है।

सर्कल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डीएन बारिक ने बताया कि जेल के बाहर जनता के लिए एक दुकान खोलने के बाद सार्वजनिक रूप से खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की बिक्री एक वर्ष में दोगुनी हो गई।

उन्होंने बताया कि 2024 में जेल में बनी 6.95 लाख रुपये की वस्तुएं बिकीं। यह बिक्री 2025 में बढ़कर 14.53 लाख रुपये हो गईं। इसमें 7.97 लाख रुपये की गैर-खाद्य वस्तुएं और 6.56 लाख रुपये की खाद्य वस्तुएं शामिल थीं।

जेल के कैदियों ने वर्ष 2024 और 2025 में क्रमशः 47.39 लाख रुपये और 37.54 लाख रुपये मूल्य की खाद्य, गैर-खाद्य वस्तुओं और सब्जी का उत्पादन किया था। यहां की सर्किल जेल में उत्पादित चादरें, तौलिए जैसे वस्त्र वस्तुएं गंजाम और अन्य जिलों की 22 अन्य जेलों को भी आपूर्ति की गईं।

बारिक ने बताया कि पहले लोग जेल में बने सामान खरीदने के लिए जेल आने में दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। लेकिन अब वे जेल के बाहर बनी दुकान से तरह-तरह की चीजें खरीदते हैं।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों सहित सभी उत्पादों की गुणवत्ता बरकरार है। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने जेल के कैदियों द्वारा उत्पादित खाद्य उत्पादों को प्रमाणित किया है।

जेल अधीक्षक ने कहा, ‘जनता के बीच, जेल में बने सामानों की मांग बढ़ने के कारण, हम इन उत्पादों की बिक्री के लिए शहर में एक रणनीतिक स्थान पर एक और दुकान खोलने की योजना बना रहे हैं। हम ब्रह्मपुर नगर निगम (बीईएमसी) से इसके लिए एक कमरा उपलब्ध कराने का अनुरोध करेंगे।’

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा