नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की प्रमुख पहल ‘आईसीएमआर-एमआईएनडीएस’ को राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में ई-गवर्नेंस के लिए स्वर्ण पुरस्कार मिला।
यह पुरस्कार कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा प्रदान किया जाता है।
आईसीएमआर-एमआईएनडीएस देश में स्वास्थ्य अनुसंधान की प्राथमिकताओं पर केंद्रित एक प्रमुख राष्ट्रीय परियोजना है। इसे ‘जन-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और अन्य नयी प्रौद्योगिकियों के अभिनव उपयोग श्रेणी में यह पुरस्कार मिला।
स्वर्ण पुरस्कार केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा भारत सरकार में प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा भी उपस्थित थीं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, पुरस्कार वितरण समारोह एक-दो जुलाई को जयपुर में आयोजित ई-गवर्नेंस पर 29वें राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसीईजी-2026) के दौरान हुआ।
आईसीएमआर-एमआईएनडीएस मानसिक स्वास्थ्य और मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े विकारों की जांच और उपचार को अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच एवं प्रबंधन के साथ एकीकृत करने पर आधारित एक कार्यान्वयन अनुसंधान परियोजना है।
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा, ‘‘आईसीएमआर जनस्वास्थ्य की जटिल चुनौतियों के समाधान के लिए आंकड़ों पर आधारित और व्यापक स्तर पर लागू की जा सकने वाली प्रौद्योगिकी आधारित पहल का नेतृत्व करती रहेगी।’’
भाषा खारी नेत्रपाल
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