कर्नाटक मे एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने का विचार, उद्योगों से सुझाव मांगे गए : शिवकुमार

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कर्नाटक मे एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने का विचार, उद्योगों से सुझाव मांगे गए : शिवकुमार

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 07:52 PM IST

बेंगलुरु, आठ जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विश्वविद्यालय स्थापित करने पर विचार कर रही है और इस संबंध में उद्योग से सुझाव मांगे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां कारोबारी विश्वास के साथ नवोन्मेष भी कर सकें, विश्वस्तरीय मेधा तक पहुंच हो और वे वैश्विक स्तर पर अपना विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा, ‘‘हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि वैश्विक प्रौद्योगिकी और उद्यमी क्षमताओं की अगली पीढ़ी की कल्पना, अभियांत्रिकी और विस्तार कर्नाटक से ही होता रहे।’’

शिवकुमार ने यहां ‘कैटलिस्ट कनेक्ट: चीफ मिनिस्टर्स मीट विथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) लीडर्स’’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने कर्नाटक डिजिटल अर्थव्यवस्था मिशन के साथ मिलकर किया था।

यह कार्यक्रम जीसीसी के लिए सरकार की विशेष व्यापार सुगमता पहल का हिस्सा था। इसका उद्देश्य निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाना, कामकाज से जुड़ी चुनौतियों को दूर करना और जीसीसी व सरकार के बीच तेजी से समन्वय स्थापित करना है।

शिवकुमार ने कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘एक एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव है और हमने सभी से सुझाव मांगे हैं। यह एक नया विचार है। दुनिया को जिस चीज की भी ज़रूरत है, हम उसे बेंगलुरु से उपलब्ध कराना चाहते हैं और दुनिया भी इसके लिए बेंगलुरु की ओर ही देखती है। हमने सुझाव मांगे हैं।’’

उन्होंने रेखांकित किया कि इस कार्यक्रम में 200 से अधिक जीसीसी हस्तियों ने हिस्सा लिया और सरकार को कई सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, पूरी दुनिया बेंगलुरु की ओर देख रही है और उन्होंने यहां अपनी ज़रूरतों के बारे में सुझाव दिए हैं।’’

शिवकुमार के साथ गृह, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-शासन मंत्री प्रियंक खरगे और अन्य लोग मौजूद थे।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश