नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर फिर से निशाना साधा और सवाल किया कि अगर वह सच में महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के पक्ष में हैं, तो इसका समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं?
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पर ‘‘दोहरा रवैया’’ अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस के सहयोगी दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे इसके लागू होने में बाधा डाल रहे हैं।
चुघ ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाया। अब जब इसे जल्द लागू करने और अमल में लाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस बहाने तलाश रही है।’’
राज्यसभा सदस्य ने सवाल किया, ‘‘अगर राहुल गांधी वास्तव में महिला आरक्षण के पक्ष में हैं तो वह इसके लागू किए जाने का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं?’’
उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं को केवल नारे नहीं, बल्कि अधिकार और प्रतिनिधित्व चाहिए। कांग्रेस को अब अपना दोहरा रवैया छोड़ना चाहिए और महिला सशक्तिकरण की राह में बाधा डालना बंद करना चाहिए। उसे प्रधानमंत्री के नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।’’
भाजपा और कांग्रेस के बीच शनिवार को महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई। यह आरोप-प्रत्यारोप तब शुरू हुआ जब गांधी ने कहा कि कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसकी महिलाएं अपनी बात खुलकर नहीं रखतीं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इसे ‘‘स्पष्ट रूप से बदला हुआ रुख’’ बताया और उम्मीद जताई कि विपक्षी दल प्रस्तावित कानूनों का समर्थन करेगा।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर रीजीजू को संबोधित पोस्ट में कहा कि संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते उनसे बेहतर यह कौन जानता होगा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसका पूर्ण समर्थन किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘2023 का कानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।’’
भाषा आशीष नरेश
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