जयपुर, 10 जून (भाषा) राजस्थान के पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती दी कि अगर इस बात का कोई सबूत है कि उन्होंने 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान 10 करोड़ रुपये लिए थे तो उनका ‘नार्को टेस्ट’ करवाया जाए।
मीणा ने गहलोत खेमे के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही कि गहलोत के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले कुछ विधायकों ने सरकार गिराने के सौदे के तहत 10 — 10 करोड़ रुपये लिए थे। मीणा ने इस आरोप को साबित करने की चुनौती दी।
करौली में किसान सम्मेलन में मीणा ने कहा कि जब भी कांग्रेस को राजनीतिक बढ़त मिलती दिखती है तो ऐसे आरोप बार-बार लगाए जाते हैं।
बगावत करने वाले विधायकों में शामिल मीणा ने आरोप से इनकार किया और कहा कि वह ‘नार्को एनालिसिस टेस्ट’ करवाने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि अगर रमेश मीणा ने 10 करोड़ रुपये लिए तो मेरा नार्को टेस्ट करवाएं। साथ ही आपका भी नार्को टेस्ट होना चाहिए कि आपने निर्दलीय, भारत ट्राइबल पार्टी और भाजपा विधायकों को कितने रुपए दिए थे। हमारे पास भी दस्तावेज हैं।’
मीणा ने दावा किया कि जब जब भी कांग्रेस आगे बढती दिखती है तो ऐसे आरोप बार-बार लगाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत को (पार्टी द्वारा) तीन बार मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन उनके नेतृत्व में कांग्रेस को चुनावी हार का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे अपने सलाहकारों का सही आकलन करें। उन्होंने कहा कि गांधी लोगों के बीच काम कर रहे हैं और उनके मुद्दों के लिए लड़ रहे हैं लेकिन उन्हें पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ताओं पर भरोसा करना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर भी निशाना साधा।
मीणा ने मंत्री की जवाबदेही पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से किसानों को बीज और कृषि सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
भाषा पृथ्वी रंजन
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