आईआईटी खड़गपुर ने बीटेक छात्र की मौत के बाद तथ्यान्वेषी दल का गठन किया

आईआईटी खड़गपुर ने बीटेक छात्र की मौत के बाद तथ्यान्वेषी दल का गठन किया

आईआईटी खड़गपुर ने बीटेक छात्र की मौत के बाद तथ्यान्वेषी दल का गठन किया
Modified Date: July 22, 2025 / 01:05 am IST
Published Date: July 22, 2025 1:05 am IST

कोलकाता, 21 जुलाई (भाषा) आईआईटी-खड़गपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि संस्थान ने चौथे वर्ष के बीटेक छात्र रितम मंडल की मौत के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल का गठन किया है।

रितम मंडल 18 जुलाई को अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था।

हाल ही में कार्यभार संभालने वाले संस्थान के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि तथ्यान्वेषी दल शैक्षणिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारकों की जांच करेगा और उसके जल्द ही अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने की उम्मीद है।

चक्रवर्ती ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस अपनी ओर से जांच कर रही है, जबकि संस्थान ने आंतरिक रूप से 10-सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल का गठन किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उसकी मौत से दुखी हैं। आईआईटी खड़गपुर छात्रों पर इस तरह का दबाव नहीं डालता कि वे तनाव महसूस करें। हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि ऐसी घटना क्यों हुई।’’

चक्रवर्ती ने मृतक के पिता से मुलाकात की थी और लगभग एक घंटे तक उनसे बातचीत की थी। छात्र के पिता अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर परिसर पहुंचे थे।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र मंडल (21) दो महीने की छुट्टी के बाद 15 जुलाई को परिसर लौटा था। उसका रूममेट छात्रावास नहीं लौटा था।

चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘हमें सोचना होगा कि क्या ऐसी घटनाओं में सामाजिक कारक भी शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई अत्यधिक मानसिक तनाव के क्षणों में ऐसे छात्रों की मदद के लिए आगे आता है, तो निश्चित रूप से ऐसी स्थितियों को टाला जा सकता है।’’

चक्रवर्ती ने कहा कि तथ्यान्वेषी दल इस महीने के अंत तक कुछ सिफारिशें पेश करेगा।

मंडल 18 जुलाई को राजेंद्र प्रसाद हॉल छात्रावास के अपने कमरे में फंदे से लटका मिला था। यह जनवरी के बाद से परिसर में अप्राकृतिक मौत का चौथा मामला था।

भाषा अमित पारुल

पारुल


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