बेंगलुरु, तीन फरवरी (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी को याचिका देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नसीर अहमद को सदन से तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
अहमद मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव भी हैं।
परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को दिन भर के लिए सदन स्थगित होने के बाद होरट्टी से मुलाकात कर उन्हें शिकायत सौंपी।
नारायणस्वामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल राजनीति के सबसे निचले स्तर का उदाहरण है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सोमवार (दो फरवरी) को सभापति को एक शिकायत सौंपी गई जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान निम्नतम स्तर के अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल के लिए नसीर अहमद को सदन से तत्काल निलंबित करने की मांग की गई।’’
विपक्ष के नेता ने कहा कि सदन की गरिमा एवं संसदीय मूल्यों को ताक पर रख दिया गया है और यह बेहद निंदनीय है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह व्यवहार लोकतंत्र के आदर्शों के खिलाफ है और यह अपील की गई है कि गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वाले सदस्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।’’
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब जवाब दे रहे थे तभी विपक्ष एवं सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक के दौरान अहमद ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से कुछ टिप्पणियां कीं।
हालांकि सभापति ने विधान परिषद सदस्य द्वारा की गई टिप्पणियों को कार्यवाही से हटा दिया था लेकिन भाजपा के सदस्यों ने अहमद से माफी मांगने की मांग करते हुए आसन के समक्ष आकर विरोध प्रदर्शन किया।
अहमद के माफी नहीं मांगने और भाजपा के विरोध जारी रखने पर सभापति ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और शोर-शराबे के बीच इसे पारित कर दिया गया। इसके बाद सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा