जानकी के निधन से भारत ने संगीत जगत की एक महान हस्ती को खो दिया : राष्ट्रपति मुर्मू

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जानकी के निधन से भारत ने संगीत जगत की एक महान हस्ती को खो दिया : राष्ट्रपति मुर्मू

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 11:10 AM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 11:10 AM IST

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिग्गज पार्श्वगायिका एस. जानकी के निधन पर रविवार को शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से देश ने संगीत जगत की एक महान हस्ती को खो दिया है।

जानकी का शनिवार को कर्नाटक में मैसूरु के एक निजी अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं।

मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिग्गज पार्श्वगायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से भारत ने संगीत जगत की एक महान हस्ती को खो दिया है। उनकी असाधारण गायकी ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि छह दशक से अधिक के शानदार करियर के दौरान जानकी ने हिंदी, उड़िया, तुलु, उर्दू, पंजाबी और बांग्ला सहित करीब 20 भारतीय भाषाओं में हजारों गीत रिकॉर्ड किए।

उन्होंने कहा, ‘‘उनका कालजयी संगीत हमेशा अनमोल रहेगा। मैं उनके परिवार और असंख्य प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।’’

आंध्र प्रदेश के गुंटूर में 23 अप्रैल 1938 को जन्मीं जानकी ने कई भाषाओं में 48,000 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। उन्होंने मुख्य रूप से कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में गीत गाए।

अपने शिष्यों और प्रशंसकों के बीच ‘जानकी अम्मा’ के नाम से मशहूर एस. जानकी अपनी बहुमुखी प्रतिभा के कारण ‘दक्षिण भारत की स्वर कोकिला’ के रूप में विख्यात थीं।

भाषा गोला रंजन

रंजन

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