नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर देश में गैस संकट खड़ा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने आज पूरे देश को लाइन में खड़ा कर दिया है।
उच्च सदन में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा को आगे बढ़ते हुए आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने सरकार से प्रश्न किया कि आज पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जो युद्ध चल रहा है तो आप (प्रधानमंत्री) क्यों इजराइल के पक्ष में क्यों खड़े हो गये?
उन्होंने कहा, ‘‘आज गैस संकट भुगतना पड़ रहा है, पूरा देश लाइन में खड़ा है, शहर लाइन में खड़ा है, गांव लाइन में खड़े हैं..होटल बंद हो रहे हैं। गुजरात के मोरवी में टाइल्स की फैक्टरी बंद हो रही हैं।’’
आप सदस्य ने कहा कि आज भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस के 21 करोड़ कनेक्शन हैं तथा गैस की किल्लत होने से ग्रामीण क्षेत्रों पर भी दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जब विकसित भारत की परिकल्पना की तो उसमें गांवों को कहां रखा गया है, यह बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2026-27 के लिए जो बजट पेश किया है, उसका मात्र 3.6 प्रतिशत ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया गया है, जो बताता है कि सरकार की गांवों के प्रति क्या सोच एवं मंशा है।
सिंह ने कहा कि सरकार जल जीवन मिशन का ढिंढोरा पीट रही है और उस पर लाखों करोड़ रूपये खर्च कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत पाइप बिछाने के लिए गांव की सड़कें खोद कर उन्हें बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘जल जीवन मिशन जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है।’’
उन्होंने कहा कि इस मिशन के नाम पर करोड़ों रूपये की पानी की जो टंकियां बनायी गयीं, उनकी हालत आज क्या है, यह सरकार को जाकर देखना चाहिए। ‘‘कई टंकियां तो उद्धघाटन से पहले ही उखड़ गयीं।’’
मनरेगा की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं और यह सरकार सत्ता में आयी है तब से किसी भी साल में इस योजना के तहत लोगों को 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने मनरेगा को मारने का काम किया है।
सिंह ने कहा कि मनरेगा की जगह वीबी जी राम जी योजना को संसद से मंजूरी दिलवा कर अब इसके तहत राज्यों पर 40 प्रतिशत की आर्थिक भागीदारी डाल दी गयी है जबकि बहुत सी राज्य सरकारें घाटे में चल रही हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अब इस योजना के तहत 125 दिन का रोजगार देने का वादा कैसे कर दिया गया है जिस पर केंद्र का हिस्सा दो लाख करोड़ रूपये बैठता है जबकि बजट में इसके लिए 88 हजार करोड़ रूपये का ही प्रावधान किया गया है।
आप सदस्य ने कहा ‘‘ इससे स्पष्ट है कि सरकार की मंशा ही साफ नहीं है कि गांव गांव तक रोजगार गारंटी की योजना चल सके।
उन्होंने केंद्र पर राज्यों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा, ‘‘आप (केंद्र सरकार) पंजाब के ग्रामीण विकास का आठ हजार करोड़ रूपये मारकर बैठे हैं। आप पंजाब के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।’’
सिंह ने कहा कि पंजाब में बीते बरस जब अभूतपूर्व बाढ़ आयी तो केंद्र सरकार ने राज्य की कोई मदद नहीं की।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पी पी सुनीर ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भारत का ग्रामीण क्षेत्र आज कई समस्याओं का सामना कर रहा है जिनमें बेरोजगारी, बढ़ती असमानता और कृषि क्षेत्र का संकट शामिल है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मनरेगा एक जीवन रेखा के समान बन गयी थी, किंतु इस योजना के तहत किए जाने वाले भुगतान में विलंब करके इस योजना को निष्प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से वीबी जी राम जी योजना के तहत भुगतान शीघ्र करने का सुझाव दिया ताकि इस योजना के तहत मजदूरों को तुरंत मजदूरी मिल सके।
भाषा
माधव मनीषा
मनीषा