जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर निगरानी बढ़ने से घुसपैठ में कमी आई: बीएसएफ

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जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर निगरानी बढ़ने से घुसपैठ में कमी आई: बीएसएफ

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  • Publish Date - October 8, 2025 / 02:17 PM IST,
    Updated On - October 8, 2025 / 02:17 PM IST

श्रीनगर, आठ अक्टूबर (भाषा) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों की सतर्कता और आधुनिक निगरानी उपकरणों के इस्तेमाल के कारण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिशें नाकाम रही हैं।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कश्मीर फ्रंटियर के महानिरीक्षक (आईजी) अशोक यादव ने कहा कि खुफिया जानकारी है कि आतंकवादी नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर ‘लॉन्च पैड’ (आतंकवादी ढांचों) पर इंतजार कर रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीएसएफ और सेना ने सतर्कता और आधुनिक निगरानी उपकरणों के इस्तेमाल से नियंत्रण रेखा पर जिस तरह से दबदबा बनाया है, उससे यह सुनिश्चित हुआ कि घुसपैठ के प्रयास सफल नहीं हुए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सर्दी आने में लगभग दो महीने बाकी हैं इसलिए वे (आतंकवादी) कोशिशें करते रहेंगे लेकिन क्षेत्र पर हमारे प्रभुत्व के जरिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस प्रकार के हर प्रयास का पता लगाया जाए और उसे निष्प्रभावी किया जाए।’’

यादव ने ‘लॉन्च पैड’ पर मौजूद आतंकवादियों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर कहा कि संख्या समय-समय पर बदलती रहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘लॉन्च पैड पर मौजूद सभी आतंकवादी विदेशी हैं। वहां आतंकवादियों की संख्या बदलती रहती है लेकिन खुफिया सूचनाओं और विश्लेषण के अनुसार, आमतौर पर यह देखा गया है कि किसी भी समय लगभग 100 से 120 आतंकवादी मौजूद होते हैं।’’

लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी संगठन के इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन से हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि सभी खुफिया एजेंसी ​​इस तरह के घटनाक्रम का बारीकी से विश्लेषण करती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उस विश्लेषण के आधार पर सभी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर अपनी अभियानगत तैयारी करते हैं। यह हमारी जानकारी में है और हम इससे निपटने के लिए कदम उठा रहे हैं।’’

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा