भारत और दक्षिण कोरिया ने डिजिटल शासन व्यवस्था, जनोन्मुखी सेवा में सहयोग पर चर्चा की

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भारत और दक्षिण कोरिया ने डिजिटल शासन व्यवस्था, जनोन्मुखी सेवा में सहयोग पर चर्चा की

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  • Publish Date - June 20, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - June 20, 2026 / 06:41 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) भारत और दक्षिण कोरिया ने शनिवार को डिजिटल शासन, ई-सरकार, लोक प्रशासन, कौशल निर्माण एवं जनोन्मुखी सेवा प्रदान करने के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संभावित सहयोग पर चर्चा की।

यह चर्चा दक्षिण कोरिया के गृहमंत्री युन होजुंग और कार्मिक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के बीच हुई बैठक के दौरान हुई।

कार्मिक मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक द्विपक्षीय वार्ता की।

सिंह ने कहा कि दोनों देशों के संबंधित मंत्रालय, लोक प्रशासन एवं सरकारी नवोन्मेष के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।

बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी: सरकारी सेवाओं का डिजिटल परिवर्तन, लोक प्रशासन में कृत्रिम मेधा जैसी नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल; नौकरशाहों की क्षमता बढ़ाना; शासन में नागरिकों की भागीदारी; और लोगों की शिकायतों के समाधान के तंत्र में बेहतरीन तौर-तरीके अपनाना।

सिंह ने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल शासन, जन सेवा प्रदान करना और शिकायत समाधान प्रणाली में भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं, जिनकी मूल्य, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता समान है।

उन्होंने कहा कि दोनों देश अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और उस समय के गया परिसंघ के राजा सुरो के बीच वैवाहिक संबंधों से ऐतिहासिक रूप से जुड़े हुए हैं । उन्होंने कहा कि कि इन मज़बूत रिश्तों का आज भी बहुत महत्व है।

भाषा राजकुमार माधव

माधव