हैदराबाद, चार अगस्त (भाषा) भारत ने भगोड़े अपराधियों का पता लगाने, उनके प्रत्यर्पण में सहयोग, चोरी की गई संपत्ति की बरामदगी, अपराधियों के सीमापार आवागमन को संभव बनाने वाली खामियों को दूर करने और हवाला कारोबार पर रोक लगाने के लिए देशों के बीच मजबूत सहयोग का मंगलवार को आह्वान किया।
भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की सचिव रचना शाह ने यहां आयोजित ब्रिक्स भ्रष्टाचार रोधी कार्य समूह (एसीडब्ल्यूजी) की पहली दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार सतत और समावेशी विकास में एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से सीमित सार्वजनिक संसाधन हट जाते हैं तथा इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार की चुनौती से कोई भी देश अछूता नहीं है और कोई भी राष्ट्र इसे अकेले नहीं हरा सकता।
उन्होंने हवाला कारोबार को रोकने, सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सामूहिक, समन्वित एवं निरंतर अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया।
शाह के मुताबिक, ब्रिक्स को सीमापार भ्रष्टाचार से निपटने के अपने साझा संकल्प को व्यावहारिक सहयोग और ठोस परिणामों में बदलना होगा।
उन्होंने भगोड़े आर्थिक अपराधियों से उत्पन्न चुनौती को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अपराध से लाभ कमाने वालों के लिए कोई भी देश या क्षेत्र सुरक्षित पनाहगाह न बने।
शाह ने भगोड़े अपराधियों का पता लगाने, उनके प्रत्यर्पण में सहयोग, चोरी की गई संपत्ति की बरामदगी और अपराधियों के सीमापार आवागमन को संभव बनाने वाली खामियों को दूर करने के लिए मजबूत सहयोग की जरूरत बताई।
भाषा जितेंद्र पारुल
पारुल