नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शुक्रवार को कहा कि महिलायें विकास की सबसे मजबूत प्रेरक शक्तियों में शामिल हैं।
अन्नपूर्णा ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) महिला मंच में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
केंद्रीय मंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से मंच को संबोधित करते हुए एससीओ के आपसी सम्मान, समानता और आम सहमति के सिद्धांतों तथा साझा विकास लक्ष्यों के लिए सहयोग को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख भी किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आज किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एससीओ महिला मंच-2026 को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया और शंघाई सहयोग संगठन, उसके आपसी सम्मान, समानता और आम सहमति के सिद्धांतों के साथ-साथ साझेदारी को मजबूत करने तथा संगठन के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका’’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में भारत की ओर से शुरुआती वक्तव्य देते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं केवल विकास की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि उसकी सबसे शक्तिशाली प्रेरक शक्तियों में से एक हैं।
उन्होंने कहा कि यही भारत के महिला नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य का सार है।
मंत्री का कहना था कि भारत में करीब 10 करोड़ महिलाएं 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से तीन करोड़ से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में नामित किया गया है।
सरकार की ‘लखपति दीदी’ पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए सशक्त बनाना है, ताकि उन्हें उच्च आय वर्ग की ओर अग्रसर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ‘मिशन शक्ति’ और ‘मिशन पोषण 2.0’ जैसी प्रमुख पहल महिलाओं की सुरक्षा, देखभाल और आर्थिक भागीदारी को मजबूत कर रही हैं।
भाषा हक हक रंजन
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