नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दुनिया में उथल-पुथल वाले भू-राजनीतिक माहौल के मद्देनजर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि वैश्विक राजनीति को स्थिर करने के लिए भारत और फ्रांस का साथ मिलकर काम करना महत्वपूर्ण हो गया है।
विदेश मंत्री ने पेरिस में अपने फ्रांसीसी समकक्ष ज्यां-नोएल बैरोट के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की।
दोनों विदेश मंत्रियों ने मुख्य रूप से एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के लिए आधार तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया।
जयशंकर की फ्रांस यात्रा अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को एक सैन्य अभियान में पकड़ने पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं की पृष्ठभूमि में हो रही है।
बैठक में अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में, जयशंकर ने वार्ता के महत्व को विस्तार से बताते हुए, ‘काफी वैश्विक अनिश्चितता’ के बड़े संदर्भ का उल्लेख किया, और कहा कि ऐसी स्थिति में रणनीतिक भागीदारों के लिए ‘बहुत बारीकी से’ परामर्श करना स्वाभाविक है।
विदेश मंत्री ने मैक्रों की आगामी भारत यात्रा का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ”हम राष्ट्रपति मैक्रों के जल्द ही भारत आने की उम्मीद कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल फरवरी में पेरिस में मैक्रों के साथ एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की थी।
उन्होंने कहा, ‘फ्रांस हमारे सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है, जो यूरोप में पहला है और मेरा मानना है कि हमारी निरंतर बातचीत उस रिश्ते को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।’
भाषा तान्या वैभव
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