जटिल वैश्विक परिस्थितियों में सेतु की भूमिका निभा रहा है भारत: राष्ट्रपति मुर्मू

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जटिल वैश्विक परिस्थितियों में सेतु की भूमिका निभा रहा है भारत: राष्ट्रपति मुर्मू

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 01:20 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 01:20 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय की जटिल वैश्विक परिस्थितियों में भारत एक सेतु की भूमिका निभा रहा है और उसने संतुलन, निष्पक्षता तथा मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने बजट सत्र के पले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारत अपनी व्यापक भूमिका और सकारात्मक सक्रियता के साथ आज कई वैश्विक संगठनों में बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहा है।

मुर्मू ने कहा, ‘‘आप सब जानते हैं कि इस समय विश्व एक कठिन कालखंड से गुजर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे वैश्विक समीकरण भी आज बदल रहे हैं। युद्ध की अनिश्चितताओं ने भी वैश्विक स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को संकट में डाल रखा है।’’

उन्होंने कहा कि इन सब परिस्थितियों के बीच भी भारत तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है तथा भारत की इस सफलता के पीछे मेरी सरकार की संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच की बड़ी भूमिका है।

राष्ट्रपति का कहना था, ‘‘वर्तमान की जटिल वैश्विक परिस्थितियों में भारत विश्व में एक सेतु की भूमिका निभा रहा है। युद्धरत देश भी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भारत पर अपना भरोसा व्यक्त करते हैं। यह संतोष की बात है कि भारत ने संतुलन, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोणों को प्राथमिकता दी है। इनके बाद भी, ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत पहले) के संकल्प को अटल बनाए रखा है।’’

उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि भारत ने पूरे विश्व में ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को और मुखरता से तेज किया है।

मुर्मू ने कहा, ‘‘हमने अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित ऐसे सभी भूभागों में नई साझेदारियां बनाई हैं, और पुराने संबंधों को मजबूती दी है। भारत ने बिम्सटेक, जी20, ब्रिक्स, एसीओ और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपस्थिति को भी लगातार मजबूत बनाया है।’’

उनका कहना था कि भारत का हमेशा से ये मानना रहा है कि वैश्विक राजनीति और सहयोग का अंतिम ध्येय मानवता की सेवा होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘देश ने अपने कदमों से इसके प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किए हैं। लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और पड़ोसी देशों में संकट के समय आगे आकर हर संभव सहायता पहुंचाई है। नवंबर 2025 में श्रीलंका में चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के दौरान मेरी सरकार ने ऑपरेशन सागर बंधु चलाया। हमारे देश ने म्यांमार और अफगानिस्तान में भी भूमिका निभाई है।’’

मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया, ‘‘इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है, और दुनिया इसे सकारात्मक दृष्टि से देख रही है। भारत भविष्य के अवसरों और चुनौतियों को देखते हुए वैश्विक समुदाय को एक मंच पर लाने के लिए ‘ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट’ भी करने जा रहा है। यह आयोजन भी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।’’

भाषा हक हक माधव

माधव