भारत ने उच्च जोखिम वाले अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों के लिए इबोला संबंधी चेतावनी जारी की

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भारत ने उच्च जोखिम वाले अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों के लिए इबोला संबंधी चेतावनी जारी की

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 02:58 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 02:58 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) भारत ने इबोला प्रभावित देशों से आने वाले या वहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है। इसमें ऐसे यात्रियों से कहा गया है कि वे आव्रजन जांच से पहले हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दें, जिनमें संक्रमण के लक्षण हों।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा जारी परामर्श में विशेष रूप से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों का उल्लेख किया गया है। इन देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ‘‘उच्च जोखिम वाले देशों’’ की श्रेणी में रखा है।

एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (एपीएचओ) ने दिल्ली हवाई अड्डे पर यह परामर्श प्रदर्शित किया है। इसमें यात्रियों को बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, गले में खराश और बिना किसी स्पष्ट कारण के रक्तस्राव जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इसमें यह भी कहा गया है कि जिन यात्रियों का संक्रमण के संदिग्ध या इबोला रोगी से सीधा संपर्क रहा हो वे तुरंत हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारी या स्वास्थ्य डेस्क को इसकी सूचना दें।

एपीएचओ के अनुसार, आगमन के 21 दिनों के भीतर लक्षण विकसित होने पर किसी भी यात्री को तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए और अधिकारियों को अपनी पिछली यात्राओं के बारे में सूचित करना चाहिए।

बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ इबोला के लिए तैयारियों और उपायों का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है।

हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से इबोला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद, भारत सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरे देश में निगरानी और तैयारियों के उपायों को मजबूत किया है।

बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्तरों पर तैयारी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।

यात्रियों के आगमन से पहले और आगमन के बाद की जांच, पृथकवास के नियम, रेफरल तंत्र और प्रयोगशाला जांच तक विस्तारित मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा की जा चुकी हैं।

भाषा शोभना अविनाश

अविनाश