नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) टोक्यो में सोमवार को हुई एक अहम द्विपक्षीय बैठक में भारत और जापान ने रक्षा उद्योग में सहयोग, प्रौद्योगिकीय नवाचार, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष एवं साझा रणनीतिक हित वाले अन्य क्षेत्रों में सहयोग और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर ‘‘बढ़ते तालमेल’’ पर भी संतोष जताया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मिलकर काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक स्वतंत्र, खुले और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यहां रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने सोमवार को टोक्यो में अपनी आठवीं रक्षा नीति वार्ता की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया, जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए रक्षा उप-मंत्री कानो कोजी ने किया।
बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने मौजूदा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर व्यापक चर्चा की और आपसी हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बयान में कहा गया है, ‘‘वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। इनमें सेनाओं के बीच आपसी आदान-प्रदान, संयुक्त मुख्यालयों के बीच सहयोग, समुद्री सहयोग, रक्षा अभ्यास, रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी (समुद्री प्रौद्योगिकी सहित) में सहयोग, और संस्थागत स्तर पर बेहतर बातचीत शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने रक्षा उद्योग में सहयोग, प्रौद्योगिकीय नवाचार, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और साझा रणनीतिक हित वाले अन्य क्षेत्र जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में सहयोग को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
यह अहम बैठक, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की हालिया भारत यात्रा के ठीक बाद हुई।
ताकाइची एक से तीन जुलाई तक भारत की यात्रा पर थीं। यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी।
अधिकारियों ने बताया कि टोक्यो में हुई बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने पिछली रक्षा नीति वार्ता के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई अहम प्रगति की समीक्षा की तथा भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘उन्होंने साल के आखिर में होने वाली मंत्री स्तरीय यात्राओं – जिनमें ‘टू प्लस टू’ वार्ता भी शामिल है – के संभावित नतीजों पर चर्चा की।’’
‘टू प्लस टू’ वार्ता में दो देशों के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री शामिल होते हैं।
रक्षा सचिव सिंह ने रक्षा क्षेत्र में भारत के साथ जापान के लगातार जुड़ाव की सराहना की और भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के तहत व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि कानो कोजी ने भारत के साथ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रक्षा संबंधों को और बढ़ाने के लिए जापान की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इससे पहले, रक्षा सचिव ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी से मुलाकात की और उन्हें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से जल्द से जल्द भारत की यात्रा पर आने का निमंत्रण भी दिया।
भाषा सुभाष मनीषा
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